ललितपुर में बुधवार रात करीब 11 बजे से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है मूसलाधार बारिश से जनपद की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिसके चलते कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।
लगातार बारिश के चलते शहजाद नदी, बयाना नाला और घुंसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शहजाद नदी में उफान आने के कारण बांसी-बार मार्ग पर गढिय़ा गांव के पास स्थित पुल करीब दो फीट पानी में डूब गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को पुल पार न करने की सलाह दी गई है। इसी तरह बयाना नाले का जलस्तर बढ़ने से ललितपुर-बुढवार मार्ग पर सिद्धन के पास स्थित पुल भी पानी में डूब गया है। इसके अलावा, रामनगर से बड़ापुरा जाने वाले बयाना पुल के ऊपर से करीब तीन फीट पानी बह रहा है और खिरकापुरा स्थित बूढ़े बब्बा मंदिर के पास का पुल भी जलमग्न हो गया है।
शहर के मोहल्ला आजादपुरा में स्थिति और भी गंभीर है। तुवन मंदिर के पीछे 25 से अधिक घरों में करीब तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के कारण शहर की कई गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिससे नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। स्थानीय लोग जलभराव और बंद मार्गों की तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
जिले के अन्य हिस्सों में भी मार्ग प्रभावित हुए हैं। पिपरा से मनपुरा होते हुए जखौरा-तालबेहट मार्ग पर पुलिया के ऊपर से तेज गति से पानी बहने के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। वहीं, पाली-घटवार मार्ग पर घुंसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह महत्वपूर्ण मार्ग भी बंद हो गया है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश और जलभराव के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने 3 सितंबर 2026 को कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने जनपद के सभी संबंधित विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
ललितपुर में बुधवार रात करीब 11 बजे से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है मूसलाधार बारिश से जनपद की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिसके चलते कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।
लगातार बारिश के चलते शहजाद नदी, बयाना नाला और घुंसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शहजाद नदी में उफान आने के कारण बांसी-बार मार्ग पर गढिय़ा गांव के पास स्थित पुल करीब दो फीट पानी में डूब गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को पुल पार न करने की सलाह दी गई है। इसी तरह बयाना नाले का जलस्तर बढ़ने से ललितपुर-बुढवार मार्ग पर सिद्धन के पास स्थित पुल भी पानी में डूब गया है। इसके अलावा, रामनगर से बड़ापुरा जाने वाले बयाना पुल के ऊपर से करीब तीन फीट पानी बह रहा है और खिरकापुरा स्थित बूढ़े बब्बा मंदिर के पास का पुल भी जलमग्न हो गया है।
शहर के मोहल्ला आजादपुरा में स्थिति और भी गंभीर है। तुवन मंदिर के पीछे 25 से अधिक घरों में करीब तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के कारण शहर की कई गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिससे नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। स्थानीय लोग जलभराव और बंद मार्गों की तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
जिले के अन्य हिस्सों में भी मार्ग प्रभावित हुए हैं। पिपरा से मनपुरा होते हुए जखौरा-तालबेहट मार्ग पर पुलिया के ऊपर से तेज गति से पानी बहने के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। वहीं, पाली-घटवार मार्ग पर घुंसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह महत्वपूर्ण मार्ग भी बंद हो गया है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश और जलभराव के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने 3 सितंबर 2026 को कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने जनपद के सभी संबंधित विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।