ललितपुर। जनपद में 2 सितंबर से हो रही निरंतर वर्षा के कारण सभी बांधों का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते बांधों से समुचित मात्रा में जल निकासी की जा रही है इस स्थिति में बांधों और जलाशयों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों की टीम गठित की है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले बांधों, जलाशयों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी स्वयं भी बांधों से हो रही जल निकासी की सतत निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार के साथ गोविंद सागर बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध के जलस्तर और निकासी की स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि बेतवा नदी में अपस्ट्रीम से पानी की निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसके कारण राजघाट बांध और माताटीला बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में बांधों पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल और कर्मचारियों की तैनाती की जाए और उन्हें निरंतर 'अलर्ट मोड' पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आमजन और वाहनों को खतरनाक स्थलों पर जाने से रोका जाए और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए भीड़ को नियंत्रित रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके अतिरिक्त, पर्याप्त जल की उपलब्धता को देखते हुए जाखलौन पंप कैनाल से गोविंद सागर बांध में किए जा रहे जल भराव को भी रोक दिया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक वर्षा और बांधों से जल निकासी के दौरान बांधों व जलाशयों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
ललितपुर। जनपद में 2 सितंबर से हो रही निरंतर वर्षा के कारण सभी बांधों का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते बांधों से समुचित मात्रा में जल निकासी की जा रही है इस स्थिति में बांधों और जलाशयों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों की टीम गठित की है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले बांधों, जलाशयों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी स्वयं भी बांधों से हो रही जल निकासी की सतत निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार के साथ गोविंद सागर बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध के जलस्तर और निकासी की स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि बेतवा नदी में अपस्ट्रीम से पानी की निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसके कारण राजघाट बांध और माताटीला बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में बांधों पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल और कर्मचारियों की तैनाती की जाए और उन्हें निरंतर 'अलर्ट मोड' पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आमजन और वाहनों को खतरनाक स्थलों पर जाने से रोका जाए और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए भीड़ को नियंत्रित रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके अतिरिक्त, पर्याप्त जल की उपलब्धता को देखते हुए जाखलौन पंप कैनाल से गोविंद सागर बांध में किए जा रहे जल भराव को भी रोक दिया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक वर्षा और बांधों से जल निकासी के दौरान बांधों व जलाशयों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।