प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका का ‘रुतबा’ बच्चों से पढ़ाई की जगह काम कराने और मारपीट के आरोप, वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप.

ललितपुर। पूराकला थाना क्षेत्र के ग्राम मातेरा, झावर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय से सामने आया एक मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय उनसे स्कूल का काम कराया जाता है और काम नहीं करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है।

मामले से संबंधित वीडियो मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि वीडियो में विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ शिक्षिका का व्यवहार दिखाई दे रहा है।

घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर नाराजगी है कि विद्यालय में पढ़ाई का माहौल आखिर किस तरह चल रहा है और बच्चों के साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।पढ़ाई की जगह बच्चों से काम कराने का आरोपमामले को लेकर लगाए गए आरोपों के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से विभिन्न प्रकार के कार्य कराए जाते हैं।

आरोप है कि जब बच्चे कथित तौर पर काम करने से इनकार करते हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है।अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर विषय होगा, क्योंकि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का स्थान है, न कि उनसे जबरन काम कराने या डर का माहौल बनाने का।मोबाइल कैमरे में कैद हुई घटनाइस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना से संबंधित वीडियो मोबाइल कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि विद्यालय में वास्तव में क्या हुआ और बच्चों के साथ किस परिस्थिति में व्यवहार किया गया।ऐसे में वीडियो की निष्पक्ष जांच और विद्यालय में मौजूद बच्चों तथा संबंधित लोगों के बयान इस मामले की वास्तविकता सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।विभागीय आदेशों की अवहेलना के भी आरोपमामला केवल बच्चों के साथ कथित व्यवहार तक सीमित नहीं बताया जा रहा है।

आरोप है कि संबंधित शिक्षिका द्वारा विभागीय अधिकारियों के आदेश के बावजूद चार्ज ग्रहण नहीं किया गया और लगातार आदेशों की अवहेलना की जाती रही।यदि विभागीय रिकॉर्ड में ऐसे आदेश मौजूद हैं और उनके बावजूद अनुपालन नहीं हुआ है तो यह अलग से जांच का विषय है कि आखिर आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर क्या कार्रवाई की।‘किसके दम पर है इतना रुतबा?’मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर संबंधित शिक्षिका को लेकर इस तरह के आरोप सामने आने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि शिक्षिका तालबेहट स्थित बीआरसी में बैठे अपने कथित रिश्तेदार के प्रभाव के चलते अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करती हैं।

हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए इसकी सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की निष्पक्ष जांच पर होगी।अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी का प्रभाव वास्तव में इस मामले में इस्तेमाल हुआ है तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए और अगर आरोप निराधार हैं तो जांच के बाद यह बात भी साफ होनी चाहिए।बच्चों के भविष्य का सवाल, जिम्मेदार कौन?सबसे अहम सवाल बच्चों को लेकर है।क्या सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई के बजाय काम कराया जा सकता है?क्या काम नहीं करने पर बच्चों के साथ मारपीट की शिकायत को नजरअंदाज किया जा सकता है?क्या विभागीय आदेशों की लगातार अवहेलना पर कोई कार्रवाई नहीं होगी?और अगर आरोप सही हैं तो अब तक जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई?अब निगाहें शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वे वायरल वीडियो तथा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होती है या नहीं।फिलहाल इस मामले में संबंधित शिक्षिका का पक्ष और विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।रिपोर्ट — दीपू गुप्ता, पूराकलाLNN-न्यूज़

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Deepu Gupta

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