ललितपुर। जनपद में पिछले दिनों हुई भारी अतिवृष्टि और जलभराव के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है, ताकि कोई भी किसान इससे वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित सभी किसानों से आह्वान किया है कि यदि अतिवृष्टि से उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है, तो वे तुरंत बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। नियमों के अनुसार, आपदा आने के 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की सूचना देना अनिवार्य है, ताकि समय पर सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। किसान टोल-फ्री नंबर के अलावा अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, बैंक शाखा या जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी लिखित रूप में सूचना दे सकते हैं।
किसानों को बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश ने बताया कि जनपद के ऋणी कृषकों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 10 सितम्बर 2026 कर दी गई है। उन्होंने छूटे हुए सभी ऋणी कृषकों से अपील की है कि वे इस विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाते हुए अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी प्राकृतिक जोखिम से सुरक्षा मिल सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों और कृषि विभाग को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ललितपुर। जनपद में पिछले दिनों हुई भारी अतिवृष्टि और जलभराव के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है, ताकि कोई भी किसान इससे वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित सभी किसानों से आह्वान किया है कि यदि अतिवृष्टि से उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है, तो वे तुरंत बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। नियमों के अनुसार, आपदा आने के 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की सूचना देना अनिवार्य है, ताकि समय पर सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। किसान टोल-फ्री नंबर के अलावा अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, बैंक शाखा या जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी लिखित रूप में सूचना दे सकते हैं।
किसानों को बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश ने बताया कि जनपद के ऋणी कृषकों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 10 सितम्बर 2026 कर दी गई है। उन्होंने छूटे हुए सभी ऋणी कृषकों से अपील की है कि वे इस विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाते हुए अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी प्राकृतिक जोखिम से सुरक्षा मिल सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों और कृषि विभाग को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।