ललितपुर - साइबर क्राइम थाना टीम ने अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र, पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 27/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।घटना के संबंध में वादी ने साइबर क्राइम थाना ललितपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने 'Nokia Securities' नामक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर शेयर मार्केट में अधिक लाभ का लालच देकर उनसे 70,000 रुपये की धोखाधड़ी की है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी वेबसाइट और ऐप के माध्यम से लोगों को निवेश पर अत्यधिक मुनाफा दिखाते थे। जब पीड़ित अपनी धनराशि निकालने का प्रयास करते थे, तो उनसे टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे जमा कराए जाते थे।
प्रारंभिक तकनीकी जांच में आरोपियों के पास से लगभग 6,357 संभावित पीड़ितों का डेटा मिला है। गिरोह ने ठगी की रकम को खपाने के लिए करीब 600 'म्यूल' बैंक खातों का इस्तेमाल किया और डिजिटल करेंसी के जरिए करोड़ों रुपये का लाभ कमाया। ये आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग करते थे ताकि कानूनी कार्रवाई के दौरान असली सिम और खाता धारक फंसें। गिरोह का एक मामला जनपद ललितपुर में वर्ष 2025 में भी दर्ज है, जिसमें 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के थाना शुजालपुर मंडी में भी इनके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह में काम का बंटवारा किया गया था। कुछ सदस्य तकनीकी कार्य और वेबसाइट संचालन देखते थे, कुछ कॉल करके लोगों को निवेश के लिए झांसे में लेते थे, जबकि अन्य सदस्य बैंक खातों और फर्जी सिम का प्रबंधन करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 07 आईफोन, 16 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 15 कीपैड फोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर (18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड), 01 लैपटॉप, 02 जियो वाईफाई राउटर, एक महिंद्रा थार कार और एक ब्रेजा कार बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों में राज गिरि गोस्वामी (23), दीपक राजपूत (22), रविन्द्र पाल, दीपक राजपूत उर्फ दीपक ठाकुर (22), राज यादव (23), लक्ष्मी राजपूत (22), सूरज धाकड़, सुरेन्द्र राजपूत (23), प्रदीप धाकड़ (30), अरुण लोधी (28), विष्णु प्रसाद (29), छाया शाकले (29) और आकाश धाकड़ (23) शामिल हैं।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक शावेज़ खान, निरीक्षक मुनेश भारती, उपनिरीक्षक राहुल यादव, सत्येन्द्र कुमार राय, अजहर इसरत, कंप्यूटर ऑपरेटर विवेक मिश्रा तथा आरक्षी अनिल, महिपाल, पवन यादव, पूजा और सीमा देवी शामिल रहे।
ललितपुर - साइबर क्राइम थाना टीम ने अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र, पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 27/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।घटना के संबंध में वादी ने साइबर क्राइम थाना ललितपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने 'Nokia Securities' नामक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर शेयर मार्केट में अधिक लाभ का लालच देकर उनसे 70,000 रुपये की धोखाधड़ी की है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी वेबसाइट और ऐप के माध्यम से लोगों को निवेश पर अत्यधिक मुनाफा दिखाते थे। जब पीड़ित अपनी धनराशि निकालने का प्रयास करते थे, तो उनसे टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे जमा कराए जाते थे।
प्रारंभिक तकनीकी जांच में आरोपियों के पास से लगभग 6,357 संभावित पीड़ितों का डेटा मिला है। गिरोह ने ठगी की रकम को खपाने के लिए करीब 600 'म्यूल' बैंक खातों का इस्तेमाल किया और डिजिटल करेंसी के जरिए करोड़ों रुपये का लाभ कमाया। ये आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग करते थे ताकि कानूनी कार्रवाई के दौरान असली सिम और खाता धारक फंसें। गिरोह का एक मामला जनपद ललितपुर में वर्ष 2025 में भी दर्ज है, जिसमें 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के थाना शुजालपुर मंडी में भी इनके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह में काम का बंटवारा किया गया था। कुछ सदस्य तकनीकी कार्य और वेबसाइट संचालन देखते थे, कुछ कॉल करके लोगों को निवेश के लिए झांसे में लेते थे, जबकि अन्य सदस्य बैंक खातों और फर्जी सिम का प्रबंधन करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 07 आईफोन, 16 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 15 कीपैड फोन, 18 डेस्कटॉप कंप्यूटर (18 मॉनिटर, 18 सीपीयू, 17 की-बोर्ड), 01 लैपटॉप, 02 जियो वाईफाई राउटर, एक महिंद्रा थार कार और एक ब्रेजा कार बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों में राज गिरि गोस्वामी (23), दीपक राजपूत (22), रविन्द्र पाल, दीपक राजपूत उर्फ दीपक ठाकुर (22), राज यादव (23), लक्ष्मी राजपूत (22), सूरज धाकड़, सुरेन्द्र राजपूत (23), प्रदीप धाकड़ (30), अरुण लोधी (28), विष्णु प्रसाद (29), छाया शाकले (29) और आकाश धाकड़ (23) शामिल हैं।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक शावेज़ खान, निरीक्षक मुनेश भारती, उपनिरीक्षक राहुल यादव, सत्येन्द्र कुमार राय, अजहर इसरत, कंप्यूटर ऑपरेटर विवेक मिश्रा तथा आरक्षी अनिल, महिपाल, पवन यादव, पूजा और सीमा देवी शामिल रहे।