झांसी के सिद्धेश्वर मंदिर मंडपम में एसवीएन एवं संघर्ष सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में डांडिया नाइट 9.0 का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ महिला सम्मान और सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई।
कार्यक्रम का संचालन आयोजक सौरभ सिंह और संयोजक विजय पहारिया की देखरेख में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में काजल, डॉ. कीर्ति सागर और नीता सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. संदीप सरावगी ने विधिवत आरती कर आयोजन का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
डॉ. सरावगी ने आगे कहा कि संघर्ष सेवा समिति का मुख्य उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
बजरंग दल के सोमेंद्र पटेरिया ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि डांडिया नाइट 9.0 का आयोजन पूरी तरह से भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुरूप किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से आयोजन में महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति बरती गई सतर्कता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से परंपराओं का संरक्षण करना और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना एक सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम में डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, रवि गुप्ता, अजय चड्ढा, जगदीश, आचार्य श्री राजीव पाठक, डॉ. रोहित पांडे, अंजलि सागर, सलोनी झा, मीनू राठौर, काजल, डॉ. अजय कुमार गुप्ता और डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा क्रू मेंबर विक्की, संस्कार, पीयूष खरे, जतिन, वीरेंद्र, हित्तू सिंह, आदित्य, रूपाली, निधि और पीहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने भी आयोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कुल मिलाकर, यह आयोजन सांस्कृतिक उत्साह, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सुंदर संगम रहा, जिसने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और सुरक्षित सामाजिक वातावरण का संदेश दिया।
झांसी के सिद्धेश्वर मंदिर मंडपम में एसवीएन एवं संघर्ष सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में डांडिया नाइट 9.0 का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ महिला सम्मान और सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई।
कार्यक्रम का संचालन आयोजक सौरभ सिंह और संयोजक विजय पहारिया की देखरेख में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में काजल, डॉ. कीर्ति सागर और नीता सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. संदीप सरावगी ने विधिवत आरती कर आयोजन का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
डॉ. सरावगी ने आगे कहा कि संघर्ष सेवा समिति का मुख्य उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
बजरंग दल के सोमेंद्र पटेरिया ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि डांडिया नाइट 9.0 का आयोजन पूरी तरह से भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुरूप किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से आयोजन में महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति बरती गई सतर्कता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से परंपराओं का संरक्षण करना और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना एक सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम में डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, रवि गुप्ता, अजय चड्ढा, जगदीश, आचार्य श्री राजीव पाठक, डॉ. रोहित पांडे, अंजलि सागर, सलोनी झा, मीनू राठौर, काजल, डॉ. अजय कुमार गुप्ता और डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा क्रू मेंबर विक्की, संस्कार, पीयूष खरे, जतिन, वीरेंद्र, हित्तू सिंह, आदित्य, रूपाली, निधि और पीहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने भी आयोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कुल मिलाकर, यह आयोजन सांस्कृतिक उत्साह, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सुंदर संगम रहा, जिसने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और सुरक्षित सामाजिक वातावरण का संदेश दिया।