ललितपुर। नवरात्रि के छठवें दिन देवी मंदिरों में माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। देवी गीतों से मंदिर परिसर गूंज उठे दर्शन का सिलसिला सुबह से शुरू होकर दोपहर तक अनवरत चलता रहा।
शहर के देवी मंदिरों में तड़के पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने धूप-दीप जलाकर पुष्प अर्पित किए। गांधीनगर में भी भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए। वहीं, नई बस्ती स्थित दुर्गा पंडाल में श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन किए और हवन-पूजन कर माता रानी को नारियल अर्पित किया।
नवरात्रि के अवसर पर माता रानी का भव्य दरबार सजाया गया। इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने नृत्य किया। भजन संध्या की शुरुआत के साथ ही शेर पर सवार माता रानी की झांकी ने भक्तों को दर्शन दिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की चौकी कराने से घर में सुख-शांति आती है और कष्ट दूर होते हैं।
ललितपुर। नवरात्रि के छठवें दिन देवी मंदिरों में माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। देवी गीतों से मंदिर परिसर गूंज उठे दर्शन का सिलसिला सुबह से शुरू होकर दोपहर तक अनवरत चलता रहा।
शहर के देवी मंदिरों में तड़के पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने धूप-दीप जलाकर पुष्प अर्पित किए। गांधीनगर में भी भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए। वहीं, नई बस्ती स्थित दुर्गा पंडाल में श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन किए और हवन-पूजन कर माता रानी को नारियल अर्पित किया।
नवरात्रि के अवसर पर माता रानी का भव्य दरबार सजाया गया। इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने नृत्य किया। भजन संध्या की शुरुआत के साथ ही शेर पर सवार माता रानी की झांकी ने भक्तों को दर्शन दिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की चौकी कराने से घर में सुख-शांति आती है और कष्ट दूर होते हैं।