दहेज प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाने वाली दीक्षा के पति-ससुर कोर्ट से जेल भेजे गए</strong>
📰 अतुल कुमार जैन</strong>
बामौरकलां। </strong>16 मई 2026 को दहेज और कामकाज के ताने से तंग आकर फांसी लगा लेने वाली ग्राम सेकरा की दीक्षा यादव को सोमवार को इंसाफ मिल गया। बामौरकलां पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के फरार आरोपी पति कृष्णपाल यादव और ससुर रामसहाय यादव को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय खनियाधाना से जेल भेज दिया।
टपरिया में टूटा था दम, 16 दिन बाद टूटा फरारियों का गुरूर</strong>
16 मई को पीड़िता दीक्षा यादव उम्र 31 साल ने खेत पर बनी टपरिया में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। मर्ग क्रमांक 09/2026 दर्ज कर जांच में पता चला कि शादी के बाद से ही पति कृष्णपाल यादव उम्र 33 साल और ससुर रामसहाय यादव उम्र 66 साल उसे आए दिन प्रताड़ित करते थे।
मर्ग जांच में धारा 108, 3(5) बीएनएस का अपराध सिद्ध होने पर थाना बामौरकलां में अपराध क्रमांक 70/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। तब से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
SP मैडम के निर्देश पर चला 'फरार अभियान' </strong>
पुलिस अधीक्षक श्रीमति यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन और एडिशनल SP संजीव मुले व SDOP प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में बामौरकलां थाना गंभीर अपराधों के फरार आरोपियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में 1 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम सेकरा से दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
आज पेशी, सीधे जेल</strong>
गिरफ्तार आरोपियों को 2 जून को खनियाधाना कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों का जेल वारंट जारी कर दिया और उन्हें जिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया।
टीम को मिली सराहना</strong>
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संजय लोधी, सउनि दिनेश पाण्डेय, प्र.आर. दिनेश प्रताप सिंह, आर. राहुल लोधी, आर. सुनील कुमार योगी और आर. चालक सत्यवीर गुर्जर की अहम भूमिका रही।
थाना प्रभारी संजय लोधी ने कहा, _"महिलाओं पर अत्याचार करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। SP मैडम के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।"_

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