- - केवल एएनएम और फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही स्वास्थ्य सेवाएं, पूरे खनियांधाना ब्लॉक में स्टाफ की भारी कमी- अतुल जैन</strong>- बामौरकलां।
</strong>शिवपुरी जिले के अंतिम छोर पर स्थित बामौरकलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर लंबे समय से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा है।
क्षेत्र के लगभग 40 से 50 गांवों की आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन यहां वर्षों से अधिकांश पद रिक्त पड़े हुए हैं।- बामौरकलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ 28 अक्टूबर 1996 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री प्रेम नारायण ठाकुर द्वारा किया गया था।
अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, एएनएम, कंपाउंडर, नेत्र सहायक, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय सहित कुल 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक एएनएम और एक फार्मासिस्ट ही पदस्थ हैं।
शेष सभी पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं।- स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की कमी का सीधा असर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
मरीजों को उपचार के लिए खनियांधाना, पिछोर, शिवपुरी या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
वहीं क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता भी बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।- बामौरकलां PHC के अंतर्गत आठ उप स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित हैं।
इनमें से कई केंद्रों पर भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।- खंड चिकित्सा विभाग के अनुसार समस्या केवल बामौरकलां तक सीमित नहीं है।
पूरे खनियांधाना विकासखंड में स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी बनी हुई है।
विकासखंड के 41 सब-सेंटरों में से 23 में CHO नहीं हैं, 19 में ANM के पद रिक्त हैं तथा 6 सब-सेंटर ऐसे हैं जहां CHO और ANM दोनों उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा 16 आशा सुपरवाइजर के पद भी खाली हैं।- विकासखंड के बामौरकलां, मुहारीकलां और अछरौनी तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में चिकित्सक विहीन हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे जा रहे हैं और मानव संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।- क्षेत्रीय जनता ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक प्रीतम सिंह लोधी एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएं, ताकि ग्रामीणों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।- इनका कहना है</strong>- रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार किया गया है।
हाल ही में भी पूरे मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है और रिक्त पदों की जानकारी भेजी गई है।
वरिष्ठ स्तर पर चर्चा के दौरान उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही रिक्त पदों पर मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विभाग लगातार प्रयास कर रहा है ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति हो सके और ग्रामीण जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।- अरुण झाक्या,बीएमओ खनियांधाना</strong>