ललितपुर के तालाबपुरा स्थित श्री लक्ष्मीनृसिंह मंदिर में आयोजित रामलीला के बारहवें दिन भरत मिलाप, भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। वृंदावन से पधारे श्री किशोरी रासलीला एवं रामलीला संस्थान के कलाकारों ने संस्थापक स्वामी ओमप्रकाश के कुशल नेतृत्व में विभिन्न लीलाओं का सजीव मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की आरती के साथ हुआ। इसके बाद राजाराम सरकार के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। रामलीला के प्रथम दृश्य में भगवान श्रीराम द्वारा लंका विजय के उपरांत विभीषण को राजपाट सौंपने और बालि वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाए जाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से धर्म, न्याय, कर्तव्य और मर्यादा की स्थापना का संदेश दिया गया।
इसके बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के हनुमान के साथ अयोध्या लौटने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। प्रभु श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही भरत सहित अयोध्यावासी हर्षित हो उठे। अयोध्या पहुंचने पर श्रीराम और भरत के मिलाप का भावपूर्ण मंचन हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। यह प्रसंग रामलीला के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। इसके उपरांत भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का भव्य मंचन हुआ। श्रीराम के राजसिंहासन पर विराजमान होते ही परिसर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो गया।
रामलीला के समापन अवसर पर उत्कृष्ट अभिनय करने वाले कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद वृंदावन के कलाकारों ने माखन चोर लीला और मोर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के साथ रामलीला का बारहवां दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महंत गंगादास महाराज, दिगंबर अखाड़ा के उत्तराधिकारी महंत रामलखन दास महाराज, नारायण दास महाराज, रामवखन दास, मुकुट बिहारी दीक्षित, भाजपा प्रदेश मंत्री अनिल यादव, प्रदीप चौबे, एडवोकेट भगवत अग्रवाल, ओमप्रकाश शास्त्री, रामलीला समिति के अध्यक्ष राजीव बबेले (सप्पू), कैलाश निरंजन, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, आनंद दीक्षित, बीके सरदार, जगदीश सिंह लोधी, सुभाष जायसवाल, मुन्नालाल जैन, शशि भूषण बुंदेला, अजय पटैरिया, उमेश चंद्र मिश्रा, कमलेश चौधरी, देवेंद्र चतुर्वेदी, छक्कीलाल साहू, भरत पुरोहित, डॉ. राजकुमार जैन, गंधर्व सिंह लोधी, विलास पटैरिया, उदित रावत, धर्मेंद्र रावत, गिरीश पाठक 'सोनू', रामगोपाल ताम्रकार, राजेंद्र बाजपेयी, हृदेश हुंडैत, विवेक सड़ैया, हरिशंकर साहू, निखिल तिवारी, आशीष चौबे, अजय नायक, कौस्तुभ चौबे, संजय ड्योढिया, राजेश यादव, हरिराम लोधी, महेश श्रीवास्तव, डॉ. आरके अग्रवाल, उमाशंकर विदुआ, डॉ. दीपक चौबे, वीरेंद्र पुरोहित, कल्पनीत सिंह लोधी, नरेश विदुआ, प्रभाकर शर्मा, रमाशंकर शर्मा, नरेश शेखावत, हाकिम सिंह राजपूत, अनुज दीक्षित, अजीत जैन भारती, अमित संज्ञा, अनुज भार्गव, राजू यादव, अजय तोमर, जगदीश पाठक, सुबोध गोस्वामी, मुकेश गुप्ता, कल्लू तिवारी, शुभम कौशिक, प्रदीप खैरा, हरीबाबू शर्मा, संजू श्रोती, दिनेश शर्मा, देवकीनंदन साहू, मनोहर यादव, हरि यादव, कृष्णकांत तिवारी, चंद्रशेखर राठौर, विनोद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, वैभव गुप्ता, बबलू पाठक, नरेंद्र पाठक, अरविंद संज्ञा, शंकर कुशवाहा, रजनीश गिरि, पंकज सेन, हिमांशु दुबे, ई. दीपक शर्मा, आशीष तिवारी, प्रमोद गोस्वामी, रंजीत राजा, कमलेश सेन, प्रेम बिहारी व मीडिया प्रभारी पंकज रैकवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ललितपुर के तालाबपुरा स्थित श्री लक्ष्मीनृसिंह मंदिर में आयोजित रामलीला के बारहवें दिन भरत मिलाप, भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। वृंदावन से पधारे श्री किशोरी रासलीला एवं रामलीला संस्थान के कलाकारों ने संस्थापक स्वामी ओमप्रकाश के कुशल नेतृत्व में विभिन्न लीलाओं का सजीव मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की आरती के साथ हुआ। इसके बाद राजाराम सरकार के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। रामलीला के प्रथम दृश्य में भगवान श्रीराम द्वारा लंका विजय के उपरांत विभीषण को राजपाट सौंपने और बालि वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाए जाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से धर्म, न्याय, कर्तव्य और मर्यादा की स्थापना का संदेश दिया गया।
इसके बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के हनुमान के साथ अयोध्या लौटने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। प्रभु श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही भरत सहित अयोध्यावासी हर्षित हो उठे। अयोध्या पहुंचने पर श्रीराम और भरत के मिलाप का भावपूर्ण मंचन हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। यह प्रसंग रामलीला के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। इसके उपरांत भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का भव्य मंचन हुआ। श्रीराम के राजसिंहासन पर विराजमान होते ही परिसर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो गया।
रामलीला के समापन अवसर पर उत्कृष्ट अभिनय करने वाले कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद वृंदावन के कलाकारों ने माखन चोर लीला और मोर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के साथ रामलीला का बारहवां दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महंत गंगादास महाराज, दिगंबर अखाड़ा के उत्तराधिकारी महंत रामलखन दास महाराज, नारायण दास महाराज, रामवखन दास, मुकुट बिहारी दीक्षित, भाजपा प्रदेश मंत्री अनिल यादव, प्रदीप चौबे, एडवोकेट भगवत अग्रवाल, ओमप्रकाश शास्त्री, रामलीला समिति के अध्यक्ष राजीव बबेले (सप्पू), कैलाश निरंजन, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, आनंद दीक्षित, बीके सरदार, जगदीश सिंह लोधी, सुभाष जायसवाल, मुन्नालाल जैन, शशि भूषण बुंदेला, अजय पटैरिया, उमेश चंद्र मिश्रा, कमलेश चौधरी, देवेंद्र चतुर्वेदी, छक्कीलाल साहू, भरत पुरोहित, डॉ. राजकुमार जैन, गंधर्व सिंह लोधी, विलास पटैरिया, उदित रावत, धर्मेंद्र रावत, गिरीश पाठक 'सोनू', रामगोपाल ताम्रकार, राजेंद्र बाजपेयी, हृदेश हुंडैत, विवेक सड़ैया, हरिशंकर साहू, निखिल तिवारी, आशीष चौबे, अजय नायक, कौस्तुभ चौबे, संजय ड्योढिया, राजेश यादव, हरिराम लोधी, महेश श्रीवास्तव, डॉ. आरके अग्रवाल, उमाशंकर विदुआ, डॉ. दीपक चौबे, वीरेंद्र पुरोहित, कल्पनीत सिंह लोधी, नरेश विदुआ, प्रभाकर शर्मा, रमाशंकर शर्मा, नरेश शेखावत, हाकिम सिंह राजपूत, अनुज दीक्षित, अजीत जैन भारती, अमित संज्ञा, अनुज भार्गव, राजू यादव, अजय तोमर, जगदीश पाठक, सुबोध गोस्वामी, मुकेश गुप्ता, कल्लू तिवारी, शुभम कौशिक, प्रदीप खैरा, हरीबाबू शर्मा, संजू श्रोती, दिनेश शर्मा, देवकीनंदन साहू, मनोहर यादव, हरि यादव, कृष्णकांत तिवारी, चंद्रशेखर राठौर, विनोद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, वैभव गुप्ता, बबलू पाठक, नरेंद्र पाठक, अरविंद संज्ञा, शंकर कुशवाहा, रजनीश गिरि, पंकज सेन, हिमांशु दुबे, ई. दीपक शर्मा, आशीष तिवारी, प्रमोद गोस्वामी, रंजीत राजा, कमलेश सेन, प्रेम बिहारी व मीडिया प्रभारी पंकज रैकवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।