ललितपुर: त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की कार्ययोजना की दरकार

ललितपुर नगर में त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलते हैं, जिससे छोटे दुकानदारों और हाथ ठेला लगाने वालों के लिए आजीविका का अवसर बनता है। हालांकि, जब ये अस्थायी दुकानें मुख्य सड़क के बीच या किनारों पर इस तरह लग जाती हैं कि वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए जगह कम पड़ जाती है, तो बाजार की रौनक के साथ यातायात की समस्या भी गंभीर हो जाती है।

विशेष रूप से घंटाघर चौराहे से सावरकर चौक तक के मार्ग पर त्योहारों के दौरान यह समस्या विकराल रूप ले लेती है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शहर की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप बाजार व्यवस्था विकसित की जा रही है? क्या त्योहारों में लगने वाले हाथ ठेलों के लिए कोई निर्धारित स्थान तय है? क्या प्रशासन ऐसी कोई व्यवस्था बना सकता है जिससे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी चलती रहे और आमजन को जाम की समस्या से न जूझना पड़े?

इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को उपलब्ध स्थानों का सर्वे करना चाहिए और त्योहारों से पहले बाजार की सुव्यवस्थित योजना बनानी चाहिए। सड़क और फुटपाथ को बाधामुक्त रखना और नियमों का नियमित पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और छोटे व्यापारियों को भी सम्मानजनक तरीके से कारोबार करने का अवसर प्राप्त होगा।

ललितपुर लाइव टीवी की जनहित में मांग है कि संबंधित अधिकारी घंटाघर चौराहे से सावरकर चौक तक की यातायात व्यवस्था की समीक्षा करें और एक ठोस, समयबद्ध तथा व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय बाजार और अतिक्रमण पर पूर्व में भी समाचार प्रकाशित किए गए हैं। इस रिपोर्ट में सुझाए गए प्रशासनिक उपाय प्रस्ताव के रूप में हैं। वर्तमान स्थिति का प्रत्यक्ष सर्वे और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लेकर तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है।

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@manojjain

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