शोषित व वंचित वर्गों तक पहुंचाएं सरकारी योजनाओं का लाभ: सदस्य रामसिंह बाल्मीकि.

ललितपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेन्ट्रल मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य राम सिंह बाल्मीकि ने ललितपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में राम सिंह बाल्मीकि ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर वंचित वर्गों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन वर्गों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिन्हें पात्र लाभार्थियों तक समान रूप से पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

समीक्षा बैठक के दौरान कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने संयुक्त ज्ञापन देकर बताया कि उन्हें कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इस पर सदस्य ने दूरभाष पर सीएमओ से वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए गठित आउटसोर्स सेवा निगम के प्रावधानों के तहत इन्हें न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। उन्होंने नया टेंडर कराकर इन कर्मचारियों को लाभ दिलाने और इस कार्रवाई से उन्हें व्यक्तिगत रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए।

नगर क्षेत्र की कुछ महिलाओं ने नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों पर अपने रिश्तेदारों के नाम आउटसोर्सिंग में दर्ज कराकर बिना काम किए वेतन दिलाने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए राम सिंह बाल्मीकि ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए कि कार्यदायी एजेंसी से कर्मचारियों की सूची लेकर उनका स्थलीय सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें हटाकर जरूरतमंद लोगों को काम दिया जाए।

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान सीवर में डूबकर होने वाली मौतों के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर बताया गया कि जनपद में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। सदस्य ने स्पष्ट किया कि सीवर में डूबने से मृत्यु होने पर सरकार द्वारा 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति और एक नौकरी का प्रावधान है। उन्होंने अनुसूचित जाति उत्पीड़न के लंबित आर्थिक सहायता मामलों में भी शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए।

पंचायती राज विभाग की समीक्षा में मृतक आश्रितों को दस साला लाभ न मिलने की शिकायत सामने आई। इस पर सदस्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आठ माह पूर्व हुए निरीक्षण में भी इसके समाधान के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक समस्या का निस्तारण न होना खेदजनक है। इसके अलावा उन्होंने आवास, शौचालय, आयुष्मान भारत, सामूहिक विवाह, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने को कहा।

बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा सहित समाज कल्याण, डूडा, पंचायती राज, स्वास्थ्य, सूचना एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Surendra Sapera

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Reporter Lalitpur Up

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