ललितपुर।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संचालित '10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान' के तहत आज विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रभावशाली जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी सुनिश्चित की।इस अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय महरौनी, श्री शांति निकेतन इंटर कॉलेज महरौनी, सरस्वती मंदिर बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मड़ावरा, महिपाल इंटर कॉलेज मड़ावरा, सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, प्रशांति विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल, स्याद्घाद बाल संस्कार केंद्र विद्यालय, श्री वर्णी जैन गवर्नमेंट जूनियर हाई स्कूल एवं महर्षि बाल विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल ललितपुर में विशेष सत्र आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया गया।संस्था की बहनों ने स्पष्ट किया कि नशा केवल एक आदत नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क, सोच और संपूर्ण जीवन को प्रभावित करने वाली एक घातक समस्या है।
उन्होंने विद्यार्थियों को आगाह किया कि नशीले पदार्थों के साथ-साथ मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, सोशल मीडिया, ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप्स जैसी व्यवहारिक आदतें भी व्यक्ति के भविष्य, शिक्षा, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन चीजों पर लगातार बढ़ती निर्भरता व्यक्ति को आत्म-नियंत्रण से दूर ले जाती है।इस अभियान का मुख्य प्रेरक संदेश "सोच बदलो, जीवन बदलो; नशा छोड़ो, खुशियां जोड़ो" रहा।
कार्यक्रम के दौरान भाई-बहनों ने आर्थिक दृष्टिकोण से भी नशे के नुकसान समझाए।
उन्होंने बताया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन नशे पर खर्च होने वाले मात्र ₹100 की बचत का संकल्प ले, तो यह छोटी-सी बचत सामूहिक रूप से हजारों करोड़ रुपये का रूप ले सकती है, जिसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार और समाज के विकास में किया जा सकता है।कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को नशे से पूर्णतः दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
ब्रह्माकुमारीज़ का यह अभियान अब केवल एक प्रतिज्ञा तक सीमित न रहकर विचारों और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक सशक्त जनआंदोलन बनता जा रहा है।