ललितपुर।
बुंदेलखंड विकास सेना की एक आवश्यक बैठक स्थानीय कंपनी बाग में सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज में किए गए औचक निरीक्षण और इस दौरान चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ के ड्यूटी से नदारद मिलने तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया गया।बैठक को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड विकास सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा कि ललितपुर का राजकीय मेडिकल कॉलेज अव्यवस्थाओं का केंद्र बन चुका है.उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से कई चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी से नदारद रहकर भी वेतन प्राप्त कर रहे हैं.उन्होंने दावा किया कि अनुपस्थित रहने वाले स्टाफ द्वारा उपस्थिति रजिस्टर में कई दिनों के हस्ताक्षर एक साथ कर दिए जाते हैं, यहां तक कि कुछ ने भविष्य की तारीखों के भी एडवांस हस्ताक्षर कर रखे हैं।सेना प्रमुख ने जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की कि मेडिकल कॉलेज में मैन्युअल उपस्थिति प्रणाली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि चिकित्सकों और स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक और फेस स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि ड्यूटी से नदारद रहने वालों पर लगाम लगाई जा सके।
इसके साथ ही, उन्होंने ड्यूटी पर तैनात रहने वाले चिकित्सकों और स्टाफ की पिछले दो माह की लोकेशन ट्रेस करने की भी मांग की।बैठक में मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए।
बुंदेलखंड सेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि वहां तैनात स्टाफ का व्यवहार मरीजों के प्रति संवेदनशील नहीं है और जांच के नाम पर टालमटोल की जाती है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि पिछले दिनों इमरजेंसी वार्ड से रिफर किए गए मरीजों के मामलों की जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वे मरीज वास्तव में रिफर किए जाने योग्य थे या नहीं।बुंदेलखंड विकास सेना ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया और इसे केवल 'रिफर सेंटर' बनने से नहीं रोका गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।बैठक में राजमल बरया, कदीर खां, राजकुमार कुशवाहा, अमरसिंह बुन्देला, मुन्ना महाराज त्यागी, प्रदीप पंडित, अमित कुमार, मिलन चौहान, जितेन्द्र विश्वकर्मा, देवेन्द्र राजा, प्रेमशंकर गुप्ता, अमित साहू, पंचमलाल झा, रामप्रकाश झा, कल्पना राजपूत, भैय्यन कुशवाहा, गौरव विश्वकर्मा, कामता शर्मा, जगदीश झा, देवेन्द्र राठौर, अखलेश राजपूत, प्रदीप शर्मा, चंदर सिंह, सोहन राजपूत, टिंकू सोनी, प्रदीप सोनी, अमित जैन, छोटू कुशवाहा, कैलाश झा, गफूर पेन्टर, संतोष सोनी और पंकज जैन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।