रिपोर्ट - सुरेंद्र सपेरा / पंकज रायकवार (LNN)उत्तराखंड का लोक पर्व 'हरेला' मानसून के आगमन और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। 'हरेला' का अर्थ हरियाली होता है।
यह पर्व पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और आने वाले वर्ष में सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना का प्रतीक है।इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय, देहरादून के अध्यक्ष श्री संजय बंसल ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष श्री अमन बंसल ने हरियाली और खुशहाली को समाज की समृद्धि के लिए सिद्ध मंत्र बताया। वहीं, कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अजय कुमार ने पर्यावरण संरक्षण की उपयोगिता पर बल दिया।प्रति कुलपति डॉ.
आर.के. त्रिपाठी ने उत्तराखंड की हरियाली को पर्यावरण का रक्षक बताया। स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से 'एक पौधा माँ के नाम' अभियान के साथ जुड़ने की अपील की।
विश्वविद्यालय के एडवाइजर डॉ. कमल बंसल ने हरेला को उत्तराखंड की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया।रजिस्ट्रार डॉ. शुभाशीष गोस्वामी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी को प्रेरित किया, जबकि डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ.
दिग्विजय ने हरेला पर्व को जनजीवन में आत्मसात करने पर जोर दिया।विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. ए.के. जायसवाल, डॉ. कनिष्क झा, डॉ.
भूपेंद्र टम्टा, श्रुति ग्रोवर, नीलम सिंह, हिमांशु जखमोला, स्माइल गोयल, आकांक्षा भट्ट और प्रियंका अरुण कुमार उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. विनोद जोशी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।