नई दिल्ली में 45वें राष्ट्रीय व्यापारी दिवस के अवसर पर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल द्वारा रविवार, 9 अगस्त 2026 को कांस्टीट्यूशन क्लब, संसद मार्ग में व्यापारी महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में देश भर के अनेक व्यापारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।
इस दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर और जिला महामंत्री अनिल जैन बवड़ी ने केंद्रीय मंत्री को तीन सूत्रीय प्रतिवेदन सौंपा और मंच से इन विषयों पर चर्चा करते हुए समाधान की मांग की।प्रतिवेदन में कहा गया कि भारत सरकार ने व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए वर्ष 2019 में व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना की थी, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंघी हैं और 15 सदस्य नामित किए गए हैं।
व्यापारी समाज इसके लिए सरकार का आभारी है, लेकिन बोर्ड को केंद्र सरकार द्वारा कोई कानूनी शक्ति प्रदान नहीं की गई है।
यह बोर्ड केवल एक सलाहकार समिति के रूप में कार्य करता है और संसद के किसी विशेष अधिनियम द्वारा इसे कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
पूर्व सांसद पंडित श्याम बिहारी मिश्रा द्वारा वर्षों से व्यापारी कल्याण आयोग बनाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की है कि अति शीघ्र व्यापारी आयोग की घोषणा की जाए, जिससे देश के 20 करोड़ व्यापारियों में सकारात्मक संदेश जाएगा।दूसरे बिंदु में सड़कों और पटरियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
प्रतिवेदन में कहा गया कि विगत एक दशक में केंद्र एवं प्रदेश सरकारों ने फ्लाई ओवर, फोर लेन, एक्सप्रेसवे और गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया है, लेकिन पैदल चलने वालों और पटरी पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के लिए व्यवस्था का अभाव है।
कई स्थानों पर पटरियां बनी ही नहीं हैं, और जहां हैं वहां अतिक्रमण है। यह भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध है।
जुलाई माह में माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी भारत सरकार को सड़कों के साथ पटरियां अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं।
व्यापार मंडल ने मांग की कि सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पैदल चलने वालों के लिए पटरियों के निर्माण हेतु कड़े निर्देश जारी किए जाएं।तीसरे बिंदु में बैंकों द्वारा ऋण गारंटी की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।
प्रतिवेदन में कहा गया कि बैंक ऋण लेने वाले ग्राहक की संपत्ति के साथ-साथ दो अन्य व्यक्तियों की गारंटी भी लेते हैं।
यदि ऋण लेने वाला कर्ज चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसकी संपत्ति के साथ-साथ गारंटी देने वालों से भी वसूली करते हैं।
इसके बाद गारंटी देने वाले व्यक्तियों को भविष्य में बैंक की सभी ऋण सुविधाओं से वंचित कर दिया जाता है। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को भी पत्र प्रेषित किया गया है।
व्यापार मंडल ने मंत्री से मांग की कि बैंकों को निर्देश दिए जाएं कि वे गारंटी देने वालों के प्रति सहृदय व्यवहार अपनाएं, क्योंकि इस व्यवस्था से देश के किसान और व्यापारी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।इस व्यापारी सम्मेलन में उल्लेखनीय योगदान के लिए ललितपुर के प्रदेश चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर को राष्ट्रीय नेताओं द्वारा सम्मानित किया गया।