10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान: 15000 से अधिक विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने ली नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा

10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान: 15000 से अधिक विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने ली नशा मुक्ति की प्रतिज्ञाललितपुर।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, वरदानी भवन, रेलवे कॉलोनी, ललितपुर द्वारा "10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान" के अंतर्गत एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया।

यह अभियान आदरणीय राजयोगिनी बीके चित्ररेखा दीदी के दिव्य सान्निध्य एवं बीके मायारानी दीदी के मार्गदर्शन में ब्रह्माकुमारी परिवार द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।अभियान के अंतर्गत संत डोमिनिक साविओ इंटर कॉलेज (एस.डी.एस.), पहलवान गुरुदीन पब्लिक स्कूल (सीबीएससी एवं यूपी बोर्ड), नर्सिंग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्री रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में तथा शहर के प्रमुख चौराहों, गल्ला मंडी, बस स्टैंड एवं शहर की बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाई गई।

इस अवसर पर लगभग 15000 विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।ब्रह्माकुमारीज़ का 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का मुख्य संदेश रहा कि"आत्मा परमपिता परमात्मा शिव की संतान है।

वह ज्योति स्वरूप, सूक्ष्म, पवित्र एवं चैतन्य देवी शक्ति है, जो इस शरीर रूपी मंदिर में निवास करती है।

आप बताइये, क्या आप देवताओं को ड्रग्स, तंबाकू, गुटखा या नशे का भोग लगाते हैं?, तो इस ईश्वरीय उपहार शरीर रूपी मंदिर को नशे से क्यों अपवित्र करें?"आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 5,500 बच्चे प्रतिदिन 10 से 14 वर्ष की उम्र के हैं, वे भी इन व्यसनियों की संख्या में शामिल हो जाते हैं।

सोचिये, वह बच्चे कौन हैं? वे हमारे, आपके भाई-बहन, बेटे-बेटियाँ ही तो हैं। क्या आपकी इन बच्चों के प्रति कोई जिम्मेवारी नहीं है?

ब्रह्माकुमारीज़ का ये विज़न है कि सन् 2000 के बाद जितने भी बच्चों ने इस भारत भूमि में जन्म लिया है उन सबको जागरूक करके नशें के चंगुल से बचाएं। हम सबकी, पूरे समाज की इन बच्चों के प्रति एक जिम्मेवारी बनती है।

जैसे हमने अपने देश को पोलियों मुक्त किया है, क्या भारत के भविष्य को हम नशा मुक्त नहीं कर सकते?दीदी ने कहा कि "जिस प्रकार हमारे पूर्वजों ने भारत को पराधीनता से मुक्त कराया, उसी प्रकार आज की पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह भारत को नशे से मुक्त कर विश्वगुरु बनाने में अपना योगदान दे।

भारत विश्व का सबसे युवा देश है और इसकी युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है।"उन्होंने यह भी कहा कि सस्ते दामों पर रंग-बिरंगे पैकेटों में तंबाकू और गुटखे की उपलब्धता हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

पहले से ही कुपोषण जैसी चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों के लिए नशे की लत उनके स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।

इसलिए प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह स्वयं नशामुक्त बने और दूसरों को भी प्रेरित करे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि "हम स्वयं नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा स्वस्थ, संस्कारी, नशामुक्त और विश्वगुरु भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे।"

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Surendra Sapera

@saperasurendra50

Reporter Lalitpur Up

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