वर्षों से सेवा, फिर भी उपेक्षा! संविदा कर्मचारियों ने उठाई नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
झांसी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेवा एवं आर्थिक हितों की लगातार अनदेखी हो रही है।
संविदा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाई जाए। साथ ही कर्मचारियों की योग्यता, अनुभव और सेवा अवधि का उचित लाभ दिया जाए। कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि समान पद, योग्यता और समान प्रकृति का कार्य करने वाले संविदा एवं नियमित कर्मचारियों के बीच वेतन की असमानता दूर कर न्यायसंगत वेतन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
इसके अलावा विभिन्न पदों पर व्याप्त वेतन विसंगतियों का परीक्षण कर समाधान किए जाने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद कई बार वेतन/मानदेय समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। संविदा कर्मचारियों ने प्रत्येक माह निर्धारित समय पर वेतन/मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि वे प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में सरकार को भी उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेना
वर्षों से सेवा, फिर भी उपेक्षा! संविदा कर्मचारियों ने उठाई नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
झांसी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेवा एवं आर्थिक हितों की लगातार अनदेखी हो रही है।
संविदा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाई जाए। साथ ही कर्मचारियों की योग्यता, अनुभव और सेवा अवधि का उचित लाभ दिया जाए। कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि समान पद, योग्यता और समान प्रकृति का कार्य करने वाले संविदा एवं नियमित कर्मचारियों के बीच वेतन की असमानता दूर कर न्यायसंगत वेतन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
इसके अलावा विभिन्न पदों पर व्याप्त वेतन विसंगतियों का परीक्षण कर समाधान किए जाने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद कई बार वेतन/मानदेय समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। संविदा कर्मचारियों ने प्रत्येक माह निर्धारित समय पर वेतन/मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि वे प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में सरकार को भी उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेना