विदिशा में किशोर कुमार की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर 'यादें किशोर कुमार' संगीत संध्या का आयोजन.

विदिशा। हरफनमौला गायक-अभिनेता किशोर कुमार की 39वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर विदिशा के वृंदावन सभागार में 'लीजेंड्स इन टाइम्स म्यूजिकल ग्रुप' के तत्वावधान में 'यादें किशोर कुमार' नामक संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।

ग्रुप के अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने मुख्य अतिथि धर्म श्री संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मनोज कटारे का स्वागत किया। इसके साथ ही ग्रुप के पदाधिकारियों द्वारा लायन राजकुमार सर्राफ प्रिंस, ज्योति शाह, डॉ. शीलचंद पालीवाल और ग्रुप अध्यक्ष का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि मनोज कटारे ने किशोर कुमार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए लीजेंड्स इन टाइम्स म्यूजिकल ग्रुप के प्रयासों की सराहना की। वहीं, ग्रुप की ओर से उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लायन अरुण कुमार सोनी ने किशोर कुमार से जुड़ी दुर्लभ जानकारियां साझा कीं और सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा की।

मां शारदा के भजनों के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। प्रदीप पारस ने 'जिंदगी का सफर...' गीत प्रस्तुत किया। नीता चतुर्वेदी ने 'ओ साथी रे' और सुमन ने 'वो शाम कुछ अजीब थी...' की सुरीली प्रस्तुति दी। सिद्धार्थ ने 'जिंदगी मिलके बिताएंगे...' और सुदर्शन ने 'रूप तेरा मस्ताना...' गीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सुशील ने 'कब के बिछड़े हुए...', मधु ने 'चेहरा है या चांद खिला...' और राजेंद्र ने 'ओ हंसिनी मेरी हंसिनी...' गीत गाए। शंकर ने 'मेरे महबूब कयामत होगी...', शत्रुघ्न ने 'एक अजनबी हसीना से...' और प्रशंसा ने 'मेरे सामने वाली खिड़की में...' गानों से वाहवाही लूटी। खुशी ने 'ये रातें ये मौसम...', संतोष ने 'मैं तेरा शहर छोड़ चला...' और प्रखर ने 'चला जाता हूँ किसी की धुन में...' गीत प्रस्तुत किए। योगेंद्र ने 'घुंघरू की तरह बजता ही रहा...', सौरभ ने 'तेरे जैसा यार कहां...', सपना ने 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं...' और डॉ. रवि साहू ने 'लेकर हम दीवाने दिल...' की शानदार प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के अगले चरण में मनोज ने 'चिंगारी कोई भड़के...' गीत पेश किया। अंत में सभी कलाकारों ने सामूहिक रूप से किशोर कुमार के लोकप्रिय गीत 'चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना...' के साथ संगीत संध्या का समापन किया। मलखान सिंह हाडा ने किशोर कुमार के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन पारस और पंडित सुशील शर्मा ने किया। अंत में संस्था सचिव सौरभ पंथी ने सभी कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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शोभित जैन

@jainshobhit5

विदिशा REPORTER

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