झांसी: बंगरा ब्लॉक के पलरा गांव में रिमझिम बारिश और तेज हवा से सगोना के 40 पेड़ क्षतिग्रस्त, किसान को भारी नुकसान
झांसी जिले के बंगरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पलरा में शनिवार को हुई रिमझिम बारिश और तेज हवाओं के कारण एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। खराब मौसम के चलते किसान के खेत में लगे सगोना के करीब 40 पेड़ टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना ग्राम पलरा स्थित गाटा संख्या 751 और 747 से जुड़ी है। 67 वर्षीय किसान किशन हरदास श्रीवास ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सगोना के लगभग 500 पेड़ लगा रखे हैं। शनिवार को अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के दबाव को ये पेड़ सहन नहीं कर सके, जिसके चलते करीब 40 पेड़ या उनकी मोटी शाखाएं टूटकर जमीन पर गिर गईं।
किसान के अनुसार, सगोना के इन पेड़ों की वर्तमान बाजार कीमत काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये तक है और क्षतिग्रस्त हुए पेड़ों का नुकसान प्रति पेड़ लगभग 10 हजार रुपये के हिसाब से आंका जा रहा है। खेत में बिखरी टूटी शाखाएं और पत्तियां नुकसान की गंभीरता को दर्शा रही हैं।
वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए पेड़ों के अचानक क्षतिग्रस्त होने से किसान और उनका परिवार चिंतित है। किशन हरदास श्रीवास ने बताया कि सगोना के पेड़ लंबे समय में तैयार होने वाली संपत्ति होते हैं, इसलिए इनके टूटने से न केवल तत्काल नुकसान हुआ है, बल्कि भविष्य की संभावित आमदनी पर भी गहरा असर पड़ा है।
इस नुकसान के मद्देनजर किसान ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेड़ों का सही आकलन कराने और नियमानुसार किसी भी प्रकार की सहायता या मुआवजा मिलने की संभावना की जांच करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग की टीम कब तक मौके पर पहुंचती है और नुकसान का क्या आकलन करती है।
झांसी: बंगरा ब्लॉक के पलरा गांव में रिमझिम बारिश और तेज हवा से सगोना के 40 पेड़ क्षतिग्रस्त, किसान को भारी नुकसान
झांसी जिले के बंगरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पलरा में शनिवार को हुई रिमझिम बारिश और तेज हवाओं के कारण एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। खराब मौसम के चलते किसान के खेत में लगे सगोना के करीब 40 पेड़ टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना ग्राम पलरा स्थित गाटा संख्या 751 और 747 से जुड़ी है। 67 वर्षीय किसान किशन हरदास श्रीवास ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सगोना के लगभग 500 पेड़ लगा रखे हैं। शनिवार को अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के दबाव को ये पेड़ सहन नहीं कर सके, जिसके चलते करीब 40 पेड़ या उनकी मोटी शाखाएं टूटकर जमीन पर गिर गईं।
किसान के अनुसार, सगोना के इन पेड़ों की वर्तमान बाजार कीमत काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये तक है और क्षतिग्रस्त हुए पेड़ों का नुकसान प्रति पेड़ लगभग 10 हजार रुपये के हिसाब से आंका जा रहा है। खेत में बिखरी टूटी शाखाएं और पत्तियां नुकसान की गंभीरता को दर्शा रही हैं।
वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए पेड़ों के अचानक क्षतिग्रस्त होने से किसान और उनका परिवार चिंतित है। किशन हरदास श्रीवास ने बताया कि सगोना के पेड़ लंबे समय में तैयार होने वाली संपत्ति होते हैं, इसलिए इनके टूटने से न केवल तत्काल नुकसान हुआ है, बल्कि भविष्य की संभावित आमदनी पर भी गहरा असर पड़ा है।
इस नुकसान के मद्देनजर किसान ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेड़ों का सही आकलन कराने और नियमानुसार किसी भी प्रकार की सहायता या मुआवजा मिलने की संभावना की जांच करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग की टीम कब तक मौके पर पहुंचती है और नुकसान का क्या आकलन करती है।