ललितपुर आजादपुर गोविंद सागर बांध के पास लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालयों पर लटके ताले
कागजों में पूरे, हकीकत में अधूरे
ललितपुर
सूबे की सरकार ने शहर की आम जनता की सुविधा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन हकीकत में ये भवन सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। ललितपुर क्षेत्र में भी ऐसे ही सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार हुए साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इनके गेट खोलकर इन्हें आम जनता के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया गया है। इन शौचालयों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके होने के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़
रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि सरकारी कागजों में इन विकास कार्यों को पूरी तरह मुकम्मल और चालू दिखा दिया गया है, जबकि धरातल पर ये अभी भी अधूरे और अनुपयोगी नजर आते हैं। कागजी खानापूर्ति और जमीनी हकीकत के बीच के इस बड़े अंतर के कारण आखिरकार आम जनता को परेशानी झेलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रसासन और नगर पालिका के अधिकारी से पुरजोर गुहार लगाई है। जनता ने मांग की है कि इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शौचालयों को जल्द से जल्द खुलवाया जाए ताकि आम जनमानस को हो रही इस बड़ी समस्या से निजात मिल सके।

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