विनम्र चातुर्मास–2026 : श्रीजी के मंगल आगमन, प्रतिमा स्थापना एवं धर्म ध्वजारोहण के साथ 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान का शुभारंभ

छत्रपति संभाजीनगर से शोभित जैन की रिपोर्ट।

परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनम्रसागर जी गुरुदेव ससंघ के पावन सान्निध्य में शनिवार, 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान के पूर्व संध्या आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार सायंकाल अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

राजा बाजार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से देवाधिदेव श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा का बैंड-बाजों, जयघोष एवं भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य मंगल आगमन निकाला गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीजी के मंगल विहार में सम्मिलित होकर हीराकाका प्रांगण तक पहुँचे और धर्म प्रभावना का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

हीराकाका प्रांगण स्थित विधान मंडल में जैन धार्मिक विधि-विधानों के मध्य भगवान की मंगल प्रतिमा स्थापना संपन्न हुई। इसके उपरांत पूरे श्रद्धा एवं उल्लास के साथ धर्म ध्वजारोहण का पावन अनुष्ठान आयोजित किया गया।

धर्म ध्वजारोहण का पुण्य सौभाग्य विजय कुमार जितेंद्रकुमार नवीनकुमार एवं नितिन पाटनी परिवार (विजय टायर वाला) को प्राप्त हुआ। धर्म ध्वजा के फहराते ही सम्पूर्ण परिसर धर्ममय वातावरण, मंगल ध्वनियों एवं जयघोषों से गूंज उठा।

इस अवसर पर अपने मंगल प्रवचन में परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनम्रसागर जी महाराज ने कहा कि "धर्म केवल मंदिरों तक सीमित रहने का विषय नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षण में आचरण का विषय है। विधान आत्मशुद्धि, आत्मजागरण और आत्मकल्याण का दिव्य माध्यम है। जब समाज गुरु, देव और शास्त्र के प्रति समर्पित होकर एकजुट होता है, तब धर्म प्रभावना के साथ संस्कारों का संरक्षण भी होता है। चातुर्मास आत्मपरिवर्तन, संयम, स्वाध्याय, सेवा और साधना का स्वर्णिम अवसर है। प्रत्येक श्रावक-श्राविका को इन 44 दिनों में अधिकाधिक धर्म आराधना, जप, तप, दान एवं पूजा-अर्चना कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।"

गुरुदेव ने सभी श्रद्धालुओं से धर्म की मर्यादा, समय की पाबंदी, शुद्धता तथा अनुशासन का पालन करते हुए पूरे विधान में तन, मन और धन से सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल, युवक-युवती मंडल तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने धर्म की मर्यादा, शुद्धता एवं अनुशासन का पालन करते हुए आयोजन को गरिमामय बनाया।

आयोजन समिति ने बताया कि 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाला 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान प्रतिदिन आचार्य श्री विनम्रसागर जी गुरुदेव ससंघ के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु सहभागिता करेंगे। यह विधान आत्मकल्याण, धर्म साधना, संस्कार जागरण एवं समाज एकता का अद्वितीय आध्यात्मिक महापर्व सिद्ध होगा।

विनम्र चातुर्मास–2026 के अंतर्गत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का सफल संचालन सकल दिगंबर जैन समाज संयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से विधान के समस्त आयोजनों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

विनम्र चातुर्मास–2026 : श्रीजी के मंगल आगमन, प्रतिमा स्थापना एवं धर्म ध्वजारोहण के साथ 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर महामंडल वि

लेखक के बारे में

शोभित जैन

@jainshobhit5

विदिशा REPORTER

0 फॉलोअर्स