ललितपुर के तालाबपुरा स्थित श्री लक्ष्मीनृसिंह मंदिर में आयोजित श्री रामलीला एवं श्री किशोरी रासलीला के दसवें दिन सीता खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, सेतु बंध और अंगद-रावण संवाद का भव्य मंचन किया गया वृंदावन से पधारे श्री किशोरी रासलीला एवं रामलीला संस्थान के कलाकारों ने संस्थापक स्वामी श्री ओमप्रकाश के नेतृत्व में इन प्रसंगों को सजीव रूप दिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे रामलीला के दौरान हनुमान जी द्वारा माता सीता की खोज, लंका दहन और उनकी प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति का प्रभावशाली चित्रण किया गया। अशोक वाटिका में माता सीता को संदेश देने और लंका दहन के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके बाद विभीषण शरणागति के प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें रावण की नीतियों का विरोध कर विभीषण द्वारा भगवान श्रीराम की शरण लेने के दृश्य के माध्यम से धर्म और मर्यादा का संदेश दिया गया।
रामसेना द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण की लीला के जरिए एकता, विश्वास और सामूहिक प्रयास की महत्ता को दर्शाया गया। वहीं, अंगद-रावण संवाद के दौरान अंगद ने रावण की सभा में पहुंचकर उसे माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने और अधर्म का मार्ग त्यागने की चेतावनी दी। अंगद और रावण के बीच हुए संवाद ने दर्शकों में उत्साह भर दिया और अहंकार के त्याग का संदेश दिया।
आयोजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए। इस अवसर पर महंत गंगादास महाराज, महंत रामलखन महाराज, नारायण दास महाराज, रामवखन दास, मुकुट बिहारी दीक्षित, एडवोकेट भगवत अग्रवाल, प्रदीप चौबे, रामलीला समिति अध्यक्ष राजीव बबेले, सुभाष, मुन्नालाल जैन, बीके सरदार, धर्मेंद्र रावत, डॉ. राजकुमार जैन, रमेश रावत, सुनील शर्मा, शशि भूषण बुंदेला, निखिल तिवारी, जगदीश पाठक, देवेंद्र चतुर्वेदी, विलास पटैरिया, उदित रावत, गंधर्व सिंह लोधी, भगवत नारायण बाजपेयी, प्रदीप खैरा, कमलापत रिछारिया, संजय डयोडिया, महेश श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल सुरेश बडेरा, उद्योग मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश सर्राफ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बोबी राजा, राजू सिंधी, अजय सोनी, प्रदीप सतरवांस, रविंद्र दिवाकर, रजनीश चड्ढा, विशाल सर्राफ, अभिषेक अनौरा, नवनीत किलेदार, संजय जैन रिंकू, मनीष मनपसंद, सचिव अग्रवाल, कल्लू तिवारी, विष्णु अग्रवाल, छक्की लाल साहू, डॉ. आरके अग्रवाल, कमलेश चौधरी, लकी चौधरी, उमाशंकर विदुआ, डॉ. दीपक चौबे, अजीत जैन भारती, वीरेंद्र पुरोहित, नरेंद्र कड़की, भरत पुरोहित, कल्पनीत सिंह लोधी, नरेश विदुआ, प्रभाकर शर्मा, रमाशंकर शर्मा, गिरीश पाठक सोनू, अजय तोमर, राजेंद्र बाजपेयी, हृदेश हुंडैत, विवेक सडैया, हरिशंकर साहू, अनिल नायक, आशीष चौबे, गौरव जैन, नारायण यादव, मनोहर यादव, राजू यादव, हरि यादव, कौस्तुभ चौबे, कृष्णकांत तिवारी, चंद्रशेखर राठौर, अजय नायक, विनोद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुबोध गोस्वामी, हाकिम सिंह, रामगोपाल ताम्रकार, नितिन गिरि, प्रेम बिहारी, दिनेश शर्मा, देवकीनंदन साहू, बबलू पाठक, दिवाकर शर्मा, नरेंद्र पाठक, अरविंद संज्ञा, शंकर कुशवाहा, रजनीश गिरि, संजू श्रोती, पंकज सेन, नरेश शेखावत, हिमांशु दुबे, ई. दीपक शर्मा, राहुल साहू खिरिया, आशीष तिवारी, आलोक चतुर्वेदी, प्रमोद गोस्वामी, शुभम कौशिक, रंजीत राजा, कमलेश सेन और मीडिया प्रभारी पंकज रैकवार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
ललितपुर के तालाबपुरा स्थित श्री लक्ष्मीनृसिंह मंदिर में आयोजित श्री रामलीला एवं श्री किशोरी रासलीला के दसवें दिन सीता खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, सेतु बंध और अंगद-रावण संवाद का भव्य मंचन किया गया वृंदावन से पधारे श्री किशोरी रासलीला एवं रामलीला संस्थान के कलाकारों ने संस्थापक स्वामी श्री ओमप्रकाश के नेतृत्व में इन प्रसंगों को सजीव रूप दिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे रामलीला के दौरान हनुमान जी द्वारा माता सीता की खोज, लंका दहन और उनकी प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति का प्रभावशाली चित्रण किया गया। अशोक वाटिका में माता सीता को संदेश देने और लंका दहन के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके बाद विभीषण शरणागति के प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें रावण की नीतियों का विरोध कर विभीषण द्वारा भगवान श्रीराम की शरण लेने के दृश्य के माध्यम से धर्म और मर्यादा का संदेश दिया गया।
रामसेना द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण की लीला के जरिए एकता, विश्वास और सामूहिक प्रयास की महत्ता को दर्शाया गया। वहीं, अंगद-रावण संवाद के दौरान अंगद ने रावण की सभा में पहुंचकर उसे माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने और अधर्म का मार्ग त्यागने की चेतावनी दी। अंगद और रावण के बीच हुए संवाद ने दर्शकों में उत्साह भर दिया और अहंकार के त्याग का संदेश दिया।
आयोजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए। इस अवसर पर महंत गंगादास महाराज, महंत रामलखन महाराज, नारायण दास महाराज, रामवखन दास, मुकुट बिहारी दीक्षित, एडवोकेट भगवत अग्रवाल, प्रदीप चौबे, रामलीला समिति अध्यक्ष राजीव बबेले, सुभाष, मुन्नालाल जैन, बीके सरदार, धर्मेंद्र रावत, डॉ. राजकुमार जैन, रमेश रावत, सुनील शर्मा, शशि भूषण बुंदेला, निखिल तिवारी, जगदीश पाठक, देवेंद्र चतुर्वेदी, विलास पटैरिया, उदित रावत, गंधर्व सिंह लोधी, भगवत नारायण बाजपेयी, प्रदीप खैरा, कमलापत रिछारिया, संजय डयोडिया, महेश श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल सुरेश बडेरा, उद्योग मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश सर्राफ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बोबी राजा, राजू सिंधी, अजय सोनी, प्रदीप सतरवांस, रविंद्र दिवाकर, रजनीश चड्ढा, विशाल सर्राफ, अभिषेक अनौरा, नवनीत किलेदार, संजय जैन रिंकू, मनीष मनपसंद, सचिव अग्रवाल, कल्लू तिवारी, विष्णु अग्रवाल, छक्की लाल साहू, डॉ. आरके अग्रवाल, कमलेश चौधरी, लकी चौधरी, उमाशंकर विदुआ, डॉ. दीपक चौबे, अजीत जैन भारती, वीरेंद्र पुरोहित, नरेंद्र कड़की, भरत पुरोहित, कल्पनीत सिंह लोधी, नरेश विदुआ, प्रभाकर शर्मा, रमाशंकर शर्मा, गिरीश पाठक सोनू, अजय तोमर, राजेंद्र बाजपेयी, हृदेश हुंडैत, विवेक सडैया, हरिशंकर साहू, अनिल नायक, आशीष चौबे, गौरव जैन, नारायण यादव, मनोहर यादव, राजू यादव, हरि यादव, कौस्तुभ चौबे, कृष्णकांत तिवारी, चंद्रशेखर राठौर, अजय नायक, विनोद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुबोध गोस्वामी, हाकिम सिंह, रामगोपाल ताम्रकार, नितिन गिरि, प्रेम बिहारी, दिनेश शर्मा, देवकीनंदन साहू, बबलू पाठक, दिवाकर शर्मा, नरेंद्र पाठक, अरविंद संज्ञा, शंकर कुशवाहा, रजनीश गिरि, संजू श्रोती, पंकज सेन, नरेश शेखावत, हिमांशु दुबे, ई. दीपक शर्मा, राहुल साहू खिरिया, आशीष तिवारी, आलोक चतुर्वेदी, प्रमोद गोस्वामी, शुभम कौशिक, रंजीत राजा, कमलेश सेन और मीडिया प्रभारी पंकज रैकवार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।