चंदेरी।
पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में चंदेरी पुलिस ने फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 9 लाख 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस अधीक्षक ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को धोखाधड़ी एवं गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.मामले के अनुसार, फरियादी जयकुमार कोली निवासी पसियापुरा चंदेरी, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी निवासी चंदेरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
फरियादियों के अनुसार, 07 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह राजपूत, उसका भाई सुधांशु सिंह तथा उनके अन्य साथी तनुज बैश्य एवं अंजली सिंह चंदेरी भ्रमण पर आए थे और किला कोठी में ठहरे थे।
आरोपियों में तृप्ति सिंह ने स्वयं को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए फरियादियों को प्रभावित किया।
इसके बाद आरोपियों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नौकरी लगवाने और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा दिया, जिसमें तृप्ति सिंह ने स्वयं को उसका हेड बताया।आरोपियों ने नौकरी के नाम पर प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये की मांग की।
विश्वास में आकर फरियादियों ने कुल 9 लाख 80 हजार रुपये नकद किला कोठी में आरोपियों को दिए और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। शेष 2 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी।
इस रिपोर्ट पर थाना चंदेरी में धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस के तहत अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश एवं एसडीओपी चंदेरी महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी चंदेरी निरीक्षक प्रशांत यादव की टीम ने तकनीकी संसाधनों और साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
पुलिस ने किला कोठी होटल से आरोपी तृप्ति सिंह (30 वर्ष) पुत्री सुनील सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह (23 वर्ष) पुत्र सुनील सिंह राजपूत, दोनों निवासी संत आशाराम नगर, बाग मुगलिया, भोपाल को महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में हिरासत में लिया।
पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी तनुज बैश्य एवं अंजली सिंह की तलाश जारी है।पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी सरकारी अधिकारी बनकर ठगी का शिकार बनाया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत यादव, चौकी प्रभारी विक्रमपुर उपनिरीक्षक जूली रघुवंशी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी या प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये मांगे, तो उसे कोई भुगतान न करें और ऐसी धोखाधड़ी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें।