चंदेरी (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है जरूरी' जनजागरूकता अभियान का गुरुवार को चंदेरी में समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिन हैंडलूम पार्क में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी चंदेरी, थाना प्रभारी और योगेंद्र रघुवंशी ने उपस्थित लोगों को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया। अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खोखला करता है, बल्कि यह पूरे परिवार की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
एसडीओपी चंदेरी ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा विनाशकारी होता है। नशे की लत परिवारों को कमजोर करने के साथ-साथ समाज में अपराध और अन्य समस्याओं को जन्म देती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से ग्रस्त है, तो उसे प्रताड़ित करने के बजाय प्रेमपूर्वक समझाइश दें और नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा नशा मुक्ति के इच्छुक लोगों के लिए उपचार, परामर्श और आवश्यक दवाइयों की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर वे एक नई और स्वस्थ जिंदगी की शुरुआत कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और एक सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।
चंदेरी (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है जरूरी' जनजागरूकता अभियान का गुरुवार को चंदेरी में समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिन हैंडलूम पार्क में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी चंदेरी, थाना प्रभारी और योगेंद्र रघुवंशी ने उपस्थित लोगों को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया। अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खोखला करता है, बल्कि यह पूरे परिवार की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
एसडीओपी चंदेरी ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा विनाशकारी होता है। नशे की लत परिवारों को कमजोर करने के साथ-साथ समाज में अपराध और अन्य समस्याओं को जन्म देती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से ग्रस्त है, तो उसे प्रताड़ित करने के बजाय प्रेमपूर्वक समझाइश दें और नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा नशा मुक्ति के इच्छुक लोगों के लिए उपचार, परामर्श और आवश्यक दवाइयों की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर वे एक नई और स्वस्थ जिंदगी की शुरुआत कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और एक सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।