झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र में एक महिला ने दबंगों द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पीड़िता मैथली पत्नी कालका प्रसाद, निवासी ग्राम मुराटा ने थाना प्रभारी चिरगांव को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार, करीब दो साल पहले उनका बेटा रमन और गांव के ही महाराज सिंह की पुत्री रोहिणी अपनी मर्जी से चले गए थे और मंदिर में शादी कर ली थी। उस समय रोहिणी के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर रमन को जेल भेज दिया था। करीब चार महीने पहले जमानत पर छूटने के बाद रमन राजस्थान में मजदूरी कर रहा था और रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव मुराटा वापस आया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 7 सितंबर 2026 की शाम लगभग 6 बजे रोहिणी अचानक उनके घर पहुंची और एक कमरे में जाकर छुप गई। परिजनों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके करीब आधे घंटे बाद रोहिणी के पिता महाराज सिंह वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने अपने परिवार और गांव के अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया।
पीड़िता का आरोप है कि प्रमोद पुत्र रामसहाय, संजय पुत्र प्रमोद, हर्ष पुत्र रमेश, आनंद पुत्र रमेश, लालू पुत्र मेहमान, सुरेंद्र पुत्र रमेश, अर्जुन पुत्र हरिशंकर और विशाल पुत्र महाराज समेत अन्य लोग लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर जबरन घर में घुस आए। दबंगों ने घर में मौजूद गीता, रमन, मैथली और अमन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने अमन को जान से मारने की नीयत से उठाकर छत से नीचे फेंक दिया।
घटना की सूचना मिलने पर चिरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने युवती को भी अपने साथ लिया और पूछताछ की। पीड़िता ने थाना प्रभारी से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र में एक महिला ने दबंगों द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पीड़िता मैथली पत्नी कालका प्रसाद, निवासी ग्राम मुराटा ने थाना प्रभारी चिरगांव को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार, करीब दो साल पहले उनका बेटा रमन और गांव के ही महाराज सिंह की पुत्री रोहिणी अपनी मर्जी से चले गए थे और मंदिर में शादी कर ली थी। उस समय रोहिणी के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर रमन को जेल भेज दिया था। करीब चार महीने पहले जमानत पर छूटने के बाद रमन राजस्थान में मजदूरी कर रहा था और रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव मुराटा वापस आया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 7 सितंबर 2026 की शाम लगभग 6 बजे रोहिणी अचानक उनके घर पहुंची और एक कमरे में जाकर छुप गई। परिजनों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके करीब आधे घंटे बाद रोहिणी के पिता महाराज सिंह वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने अपने परिवार और गांव के अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया।
पीड़िता का आरोप है कि प्रमोद पुत्र रामसहाय, संजय पुत्र प्रमोद, हर्ष पुत्र रमेश, आनंद पुत्र रमेश, लालू पुत्र मेहमान, सुरेंद्र पुत्र रमेश, अर्जुन पुत्र हरिशंकर और विशाल पुत्र महाराज समेत अन्य लोग लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर जबरन घर में घुस आए। दबंगों ने घर में मौजूद गीता, रमन, मैथली और अमन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने अमन को जान से मारने की नीयत से उठाकर छत से नीचे फेंक दिया।
घटना की सूचना मिलने पर चिरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने युवती को भी अपने साथ लिया और पूछताछ की। पीड़िता ने थाना प्रभारी से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।