झांसी से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में सफर के दौरान मोबाइल फोन खोने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है झांसी जीआरपी ने पिछले तीन महीनों के भीतर यात्रियों के गुम हुए 360 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया है बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये है। मंगलवार को जब ये मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस मिले, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी गई।
एसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि झांसी जीआरपी के अधीन आने वाले आठ थानों की पुलिस टीमों ने पिछले तीन महीनों में ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर से गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया। शिकायतें मिलने के बाद जीआरपी की टीमों ने सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर मोबाइल फोन को ट्रेस किया। अलग-अलग स्थानों से बरामदगी के बाद मालिकों की पहचान सुनिश्चित की गई और मंगलवार को उन्हें मोबाइल सुपुर्द कर दिए गए।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में सफर के दौरान मोबाइल गुम होने या चोरी होने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। कई बार यात्री नींद में होने के कारण मोबाइल फोन सीट या चार्जिंग प्वाइंट पर ही भूल जाते हैं, वहीं भीड़भाड़ के दौरान भी मोबाइल चोरी होने की घटनाएं होती हैं। शिकायत मिलने पर जीआरपी मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर जांच शुरू करती है।
एसपी ने जानकारी दी कि इस साल अगस्त महीने में अब तक जीआरपी ने कुल 70 लाख 75 हजार रुपये कीमत के मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे हैं। इससे पहले भी जीआरपी की विभिन्न टीमों ने बड़ी संख्या में गुम हुए मोबाइल बरामद किए हैं। बरामदगी की प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ताओं से मोबाइल की जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज लिए गए, जिसके बाद बरामद मोबाइल का उनके वास्तविक मालिकों से मिलान कर उन्हें सुपुर्द किया गया।
झांसी से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में सफर के दौरान मोबाइल फोन खोने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है झांसी जीआरपी ने पिछले तीन महीनों के भीतर यात्रियों के गुम हुए 360 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया है बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये है। मंगलवार को जब ये मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस मिले, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी गई।
एसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि झांसी जीआरपी के अधीन आने वाले आठ थानों की पुलिस टीमों ने पिछले तीन महीनों में ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर से गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया। शिकायतें मिलने के बाद जीआरपी की टीमों ने सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर मोबाइल फोन को ट्रेस किया। अलग-अलग स्थानों से बरामदगी के बाद मालिकों की पहचान सुनिश्चित की गई और मंगलवार को उन्हें मोबाइल सुपुर्द कर दिए गए।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में सफर के दौरान मोबाइल गुम होने या चोरी होने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। कई बार यात्री नींद में होने के कारण मोबाइल फोन सीट या चार्जिंग प्वाइंट पर ही भूल जाते हैं, वहीं भीड़भाड़ के दौरान भी मोबाइल चोरी होने की घटनाएं होती हैं। शिकायत मिलने पर जीआरपी मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर जांच शुरू करती है।
एसपी ने जानकारी दी कि इस साल अगस्त महीने में अब तक जीआरपी ने कुल 70 लाख 75 हजार रुपये कीमत के मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे हैं। इससे पहले भी जीआरपी की विभिन्न टीमों ने बड़ी संख्या में गुम हुए मोबाइल बरामद किए हैं। बरामदगी की प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ताओं से मोबाइल की जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज लिए गए, जिसके बाद बरामद मोबाइल का उनके वास्तविक मालिकों से मिलान कर उन्हें सुपुर्द किया गया।