विदिशा में मानवता की मिसाल: वृद्ध साधु की जान बचाने के लिए आगे आए सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रैफिक पुलिस
विदिशा में मध्य प्रदेश मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने अपनी सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक वृद्ध ब्राह्मण साधु की जान बचाई। इस संकट की घड़ी में कई नागरिकों और ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने मिलकर मानवीयता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
घटना उस समय हुई जब लायन अरुण कुमार सोनी किसी कार्यवश मार्केट की ओर जा रहे थे। माधवगंज चौराहे के पास उन्होंने एक वृद्ध ब्राह्मण साधु को गंभीर अवस्था में देखा, जो संभवतः हार्ट अटैक जैसी समस्या के कारण अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लायन अरुण कुमार सोनी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें प्राथमिक सहायता और सीपीआर (CPR) प्रदान की। इसके साथ ही, भीषण गर्मी और धूप को देखते हुए उन्हें तुरंत मौसंबी का जूस पिलाया गया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके।
इस दौरान लायन अरुण कुमार सोनी और मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी संतोष कुमार शुक्ला लगातार एंबुलेंस को फोन लगाते रहे। एंबुलेंस आने में काफी समय लगने के कारण नागरिकों में रोष भी देखा गया। जब स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ऑटो बुक करने की तैयारी की जा रही थी, तभी एंबुलेंस वहां पहुंच गई।
वृद्ध साधु को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान दीपक सेन ने एंबुलेंस में उनके साथ जाकर मानवीयता दिखाई। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रैफिक पुलिसकर्मी संतोष कुमार शुक्ला और स्थानीय नवयुवक अमित चौकसे का विशेष और सक्रिय योगदान रहा।
अस्पताल पहुंचकर वृद्ध साधु की समय पर प्राण रक्षा होने से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली और लायन अरुण कुमार सोनी तथा उनकी टीम के कार्य की सराहना की। उपस्थित नागरिकों ने कहा कि नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर इन प्रयासों से एक वृद्ध ब्राह्मण के प्राणों की रक्षा हो सकी है, जो समाज के लिए एक पुण्य का कार्य है। यह घटना समाज में आपसी संवेदना और तत्परता की एक मिसाल बन गई है।

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