ललितपुर। ललितपुर के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. आकाश खेरा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल की है डॉ. खेरा का शोधपत्र विश्व विख्यात लेखक वोल्टर्स क्लूवर द्वारा प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका 'टेक्नीक्स इन ऑर्थोपेडिक्स' में प्रकाशित हुआ है इस पत्रिका में विश्व के चुनिंदा सर्जनों के शोधपत्र ही प्रकाशित किए जाते हैं।
डॉ. आकाश खेरा के शोधपत्र का विषय “परक्यूटेनियस डुअल लेवल स्टेबलाइजेशन फॉर पीडियाट्रिक फ्लोटिंग फोरआर्म इंजरीज : ए नोवल अप्रोच” है। इसमें बच्चों की कोहनी से कलाई तक के हिस्से में एक साथ ऊपरी और निचले स्तर पर होने वाले दुर्लभ एवं जटिल फ्रैक्चर के उपचार की नवीन तकनीक का वर्णन किया गया है।
इस शोधकार्य में डॉ. आकाश खेरा के साथ पूना के डॉ. संदीप पटवर्धन, डॉ. विवेक सोढ़ी और डॉ. आयुष काले सह-लेखक के रूप में शामिल रहे हैं। शोध में वर्णित आधुनिक तकनीक के अनुसार, कलाई के ऊपरी हिस्से की हड्डी को इंट्रामेडुलरी नेल तथा कलाई के पास की हड्डी को पिन की सहायता से स्थिर किया जाता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य हड्डियों को सही स्थिति में बनाए रखना, आसपास के कोमल ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुँचाना और बेहतर कार्यात्मक रिकवरी में सहायता करना है।
वोल्टर्स क्लूवर द्वारा प्रकाशित 'टेक्नीक्स इन ऑर्थोपेडिक्स' चिकित्सा जगत की एक विश्व विख्यात पत्रिका है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे लेख प्रकाशित होते हैं, जिनसे दुनिया भर के सर्जन सरोकार रखते हैं। डॉ. आकाश खेरा के शोधपत्र के प्रकाशन पर चिकित्सा विशेषज्ञों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।
डॉ. आकाश खेरा की इस उपलब्धि से ललितपुर सहित देश के अस्थि रोग चिकित्सा जगत में खुशी का माहौल है। यह शोधपत्र बाल अस्थि रोग चिकित्सा के क्षेत्र में जटिल चोटों के उपचार संबंधी अनुभव और वैज्ञानिक जानकारी साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियां अनुसंधान और मानवता की सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
ललितपुर। ललितपुर के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. आकाश खेरा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल की है डॉ. खेरा का शोधपत्र विश्व विख्यात लेखक वोल्टर्स क्लूवर द्वारा प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका 'टेक्नीक्स इन ऑर्थोपेडिक्स' में प्रकाशित हुआ है इस पत्रिका में विश्व के चुनिंदा सर्जनों के शोधपत्र ही प्रकाशित किए जाते हैं।
डॉ. आकाश खेरा के शोधपत्र का विषय “परक्यूटेनियस डुअल लेवल स्टेबलाइजेशन फॉर पीडियाट्रिक फ्लोटिंग फोरआर्म इंजरीज : ए नोवल अप्रोच” है। इसमें बच्चों की कोहनी से कलाई तक के हिस्से में एक साथ ऊपरी और निचले स्तर पर होने वाले दुर्लभ एवं जटिल फ्रैक्चर के उपचार की नवीन तकनीक का वर्णन किया गया है।
इस शोधकार्य में डॉ. आकाश खेरा के साथ पूना के डॉ. संदीप पटवर्धन, डॉ. विवेक सोढ़ी और डॉ. आयुष काले सह-लेखक के रूप में शामिल रहे हैं। शोध में वर्णित आधुनिक तकनीक के अनुसार, कलाई के ऊपरी हिस्से की हड्डी को इंट्रामेडुलरी नेल तथा कलाई के पास की हड्डी को पिन की सहायता से स्थिर किया जाता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य हड्डियों को सही स्थिति में बनाए रखना, आसपास के कोमल ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुँचाना और बेहतर कार्यात्मक रिकवरी में सहायता करना है।
वोल्टर्स क्लूवर द्वारा प्रकाशित 'टेक्नीक्स इन ऑर्थोपेडिक्स' चिकित्सा जगत की एक विश्व विख्यात पत्रिका है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे लेख प्रकाशित होते हैं, जिनसे दुनिया भर के सर्जन सरोकार रखते हैं। डॉ. आकाश खेरा के शोधपत्र के प्रकाशन पर चिकित्सा विशेषज्ञों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।
डॉ. आकाश खेरा की इस उपलब्धि से ललितपुर सहित देश के अस्थि रोग चिकित्सा जगत में खुशी का माहौल है। यह शोधपत्र बाल अस्थि रोग चिकित्सा के क्षेत्र में जटिल चोटों के उपचार संबंधी अनुभव और वैज्ञानिक जानकारी साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियां अनुसंधान और मानवता की सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।