चंदेरी के जागीरदार कुंवर पद्म सिंह जैन का 79 वर्ष की आयु में निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
रिपोर्टर कल्याण अहिरवार चंदेरी जिला अशोक नगर
चंदेरी के जागीरदार और क्षेत्र की आधी संपत्ति के मालिक कुंवर पद्म सिंह जैन का आज 28 सितंबर 2026 को 79 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। सिंधिया रियासत काल से चली आ रही जागीरदारी के प्रतिनिधि कुंवर पद्म सिंह जैन के निधन का समाचार मिलते ही चंदेरी सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद से ही लोग उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
परिजनों के अनुसार, कुंवर पद्म सिंह जैन की अंतिम यात्रा कल 29 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे उनके निज निवास से निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार खंदार गिरी श्मशान भूमि पर किया जाएगा। कुंवर पद्म सिंह जैन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे अचलगढ़ गढ़ी के वीरेंद्र सिंह जैन के बड़े भाई थे। इसके अलावा, वे कुंवर दिलीप सिंह जैन और कुंवर प्रदीप सिंह जैन के भाई तथा पुष्पेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, शैलेंद्र सिंह और प्रतीक सिंह के ताऊजी थे।
कुंवर पद्म सिंह जैन का व्यक्तित्व सर्वधर्म समभाव के लिए जाना जाता था। उनके महल में आज भी कुंवर साहब की गद्दी स्थापित है, जिसे सिंधिया परिवार के सदस्य भी चंदेरी आगमन पर नमन करते हैं। वे सभी समाजों के रीति-रिवाजों में सक्रिय भागीदारी निभाते थे। विजयादशमी के अवसर पर धुवया ताल पर उनके घोड़े पर सवार होकर पहुंचने के बाद ही पूजन की परंपरा पूरी होती थी। इसी प्रकार, मुस्लिम समाज के मोहर्रम के दौरान जब तक कुंवर साहब की लकड़ी इमामबाड़े नहीं पहुंचती थी, तब तक सवारी का अलाव नहीं जलता था। मोहर्रम की सवारी आज भी उनके महल पर सलामी लेने आती है।
कुंवर पद्म सिंह जैन का परिवार और उनकी संपत्ति चंदेरी, सेहराई और ललितपुर तक फैली हुई है। जैन समाज द्वारा संचालित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम भी उनके सम्मान में 'पद्म कीर्ति कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' रखा गया है। आज शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए गढ़ी पर देर रात तक लोगों का तांता लगा रहा।
चंदेरी के जागीरदार कुंवर पद्म सिंह जैन का 79 वर्ष की आयु में निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
रिपोर्टर कल्याण अहिरवार चंदेरी जिला अशोक नगर
चंदेरी के जागीरदार और क्षेत्र की आधी संपत्ति के मालिक कुंवर पद्म सिंह जैन का आज 28 सितंबर 2026 को 79 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। सिंधिया रियासत काल से चली आ रही जागीरदारी के प्रतिनिधि कुंवर पद्म सिंह जैन के निधन का समाचार मिलते ही चंदेरी सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद से ही लोग उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
परिजनों के अनुसार, कुंवर पद्म सिंह जैन की अंतिम यात्रा कल 29 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे उनके निज निवास से निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार खंदार गिरी श्मशान भूमि पर किया जाएगा। कुंवर पद्म सिंह जैन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे अचलगढ़ गढ़ी के वीरेंद्र सिंह जैन के बड़े भाई थे। इसके अलावा, वे कुंवर दिलीप सिंह जैन और कुंवर प्रदीप सिंह जैन के भाई तथा पुष्पेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, शैलेंद्र सिंह और प्रतीक सिंह के ताऊजी थे।
कुंवर पद्म सिंह जैन का व्यक्तित्व सर्वधर्म समभाव के लिए जाना जाता था। उनके महल में आज भी कुंवर साहब की गद्दी स्थापित है, जिसे सिंधिया परिवार के सदस्य भी चंदेरी आगमन पर नमन करते हैं। वे सभी समाजों के रीति-रिवाजों में सक्रिय भागीदारी निभाते थे। विजयादशमी के अवसर पर धुवया ताल पर उनके घोड़े पर सवार होकर पहुंचने के बाद ही पूजन की परंपरा पूरी होती थी। इसी प्रकार, मुस्लिम समाज के मोहर्रम के दौरान जब तक कुंवर साहब की लकड़ी इमामबाड़े नहीं पहुंचती थी, तब तक सवारी का अलाव नहीं जलता था। मोहर्रम की सवारी आज भी उनके महल पर सलामी लेने आती है।
कुंवर पद्म सिंह जैन का परिवार और उनकी संपत्ति चंदेरी, सेहराई और ललितपुर तक फैली हुई है। जैन समाज द्वारा संचालित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम भी उनके सम्मान में 'पद्म कीर्ति कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' रखा गया है। आज शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए गढ़ी पर देर रात तक लोगों का तांता लगा रहा।