कटी घाटी पर गूंजी ढोलक की थाप, विदेशी पर्यटक जमकर थिरके

रिपोर्टर कल्याण अहिरवार चंदेरी


चंदेरी। ऐतिहासिक नगरी चंदेरी में दो दिवसीय प्रवास पर आए जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के पर्यटकों ने स्थानीय संस्कृति और लोक संगीत का जमकर आनंद लिया। मालवा और बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध कटी घाटी पर स्थानीय ढोलक वादन ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। परमाल की ढोलक की थाप पर विदेशी पर्यटक उत्साहपूर्वक थिरकते नजर आए और उन्होंने इस पारंपरिक लोक वादन का खूब लुत्फ उठाया।

पर्यटकों के समूह को ग्रुप लीडर मरियानी (नागालैंड) चंदेरी लेकर आई थीं। दो दिवसीय प्रवास के दौरान पर्यटकों ने चंदेरी के भारतीय पर्यटन के फ़ेसिलिटेटर / गाइड कल्ले भाई ने ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया । इस दौरान उन्होंने श्री गणेश उत्सव की झांकियों, मंदिरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और भजनों का आनंद लिया।

पर्यटकों ने पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित चंदेरी के विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों का भी भ्रमण किया। उन्होंने यहां की प्राचीन स्थापत्य कला, पत्थर की नक्काशी और ऐतिहासिक विरासत को बारीकी से देखा तथा चंदेरी की स्थापत्य परंपरा की सराहना की।

स्थानीय लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के इस अनूठे संगम ने विदेशी पर्यटकों के चंदेरी प्रवास को यादगार बना दिया। कटी घाटी पर ढोलक की थाप पर उनका उत्साह यह दर्शाता रहा कि चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ यहां की जीवंत लोक संस्कृति भी विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

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