विदिशा में वनमाली सृजन केंद्र की साहित्यिक गोष्ठी में कवियों ने बिखेरे शब्द और सुर, अब हर महीने सजेगी महफिल
विदिशा। वनमाली सृजन केंद्र (इकाई विदिशा) के तत्वावधान में गायत्री शक्ति पीठ परिसर में एक भव्य साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। बारिश के सुहाने मौसम के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख कवियों और साहित्यकारों ने साहित्य, संगीत और देशभक्ति से ओत-प्रोत अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।
अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि गोष्ठी में कविता, गीत, ग़ज़ल, दोहे और व्यंग्य जैसी विविध विधाओं की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार गोवर्धन राजोरिया ने की, जबकि संचालन सुदिन श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री शक्ति पीठ की मुख्य ट्रस्टी सुमन भदौरिया के स्वागत भाषण से हुई।
साहित्यिक सत्र के दौरान कवि शाहिद अली शाहिद की पंक्तियाँ— “इल्मो-अदब की मेहफिल आवाज दे रही है, गीत ग़ज़ल गाओ बरसात का मौसम है” ने माहौल में मिठास घोल दी। डॉ. शीलचंद पालीवाल के गीत “जो असंभव को संभव बनाए, ऐसी दीवानियों को नमन है” को श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली। वहीं, साहित्यकार गोविन्द देवलिया ने अपने चुटीले व्यंग्य के माध्यम से समकालीन स्थितियों पर कटाक्ष करते हुए उपस्थित लोगों को खूब हंसाया।
इस सत्र में मुकेश श्रीवास्तव, आनंद उपाध्याय, सौरभ पंथी, राजकुमार प्रजापति, मेजबान सिंह, चाँद खाँ चाँद, शाहिद अली शाहिद, लायन अरुण कुमार सोनी, प्रकाश सोनकर, विष्णु दुबे, सुलखान सिंह हाड़ा, राजेन्द्र श्रीवास्तव और नजीर नूरी ने भी अपनी शानदार रचनाओं का पाठ किया।
गोष्ठी का दूसरा सत्र पूर्णतः देशप्रेम को समर्पित रहा, जिसमें स्थानीय कलाकारों और साहित्यकारों ने देशभक्ति के तराने प्रस्तुत कर सभी में नया जोश भर दिया। इस दौरान प्रदीप जैन पारस ने “मेरे देशप्रेमियो, तन-मन-धन सब है तेरा” एवं “मैं पल दो पल का शायर हूँ”, राकेश श्रीवास्तव ने “वतन पर जो फ़िदा होगा”, सुमन श्रीवास्तव ने “ऐ मेरे वतन के लोगों”, ब्रज श्रीवास्तव ने “कर चले हम फ़िदा” और प्रखर श्रीवास्तव ने “जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा” की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक आनंद सौरभ ने वनमाली सृजन केंद्र के उद्देश्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की जिला संयोजक रश्मि पोरवाल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया गया कि गायत्री शक्ति पीठ में यह साहित्यिक गोष्ठी अब नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी।

📸 और तस्वीरें