औरंगाबाद पुष्पगिरी तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर एवं जैनाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के आशीर्वाद से दिगम्बर जैन संत अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में मंगलवार को 'जड़ी बूटी दिवस' मनाया गया।
इस अवसर पर पुष्पगिरी तीर्थ परिसर में नीम के पौधे का रोपण कर पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण जी का जन्मोत्सव पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया समारोह के दौरान गुरुदेव के साथ गायत्री परिवार के सदस्यों ने गायत्री मंत्र का जाप किया और आचार्य बालकृष्ण के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की।अंग्रेजी दवाओं के दौर में आयुर्वेद की पद्धति को बढ़ा रहे आचार्य बालकृष्णधर्मसभा को संबोधित करते हुए अंतर्मना गुरुदेव ने कहा कि आज की इस भौतिकतावादी दौर में व्यक्ति मामूली बीमारी में भी अंग्रेजी दवाओं पर निर्भर होता जा रहा है।
ऐसे समय में आचार्य बालकृष्ण जी ने अनेक दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से भारत सहित पूरे विश्व में मानव समाज को निरोगता प्रदान की है।
वे आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति को निरंतर आगे बढ़ाकर जन-जन को लाभान्वित कर रहे हैं।
आज जड़ी बूटी दिवस पर औषधीय पौधों का रोपण कर हम उनके स्वस्थ जीवन की मंगल कामना करते हैं।'हर मास-एक उपवास' महाअभियान से जुड़ने की अपीलवृक्षारोपण के उपरांत आयोजित लघु धर्म सभा में गुरुदेव ने नगर, समाज और परिवार को निरोगी बनाए रखने के लिए 'हर मास-एक उपवास' प्रकल्प से जुड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि इस स्वास्थ्यप्रद महाअभियान को देश-दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाएं।समारोह में ये रहे उपस्थितकार्यक्रम के दौरान सतीशचंद्र तिवारी, सत्यनारायण लाठी, शंकर लाल शर्मा, सौभाग सिंह ठाकुर, भूपेंद्र गुप्ता, नरेंद्र मेहता, पवन आगस्तय, हुकुम चंद अग्रवाल, राधेश्याम गजेश्वर, प्रमोद भावसार, महेश राठौड़, राजेश खंडेलवाल, सुनील दरक, राजेश शर्मा, राजू गौड, गौरव अकोतिया, अनूप गुप्ता, मनोज पंचोली सहित बड़ी संख्या में गुरुभक्त परिवार उपस्थित था।यह जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक रोमिल पाटणी (सोनकच्छ), नरेंद्र अजमेरा और पियुष कासलीवाल (औरंगाबाद) द्वारा दी गई है।