झांसी के वार्ड नंबर 3 भट्टा गांव से विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां पहले नई डामर सड़क का निर्माण कराया गया और कुछ ही समय बाद उसी सड़क को पाइपलाइन डालने के लिए दोबारा खोद दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश घरों में पहले से पानी के नल लगे हैं और नियमित जलापूर्ति भी हो रही है। ऐसे में नई पाइपलाइन की आवश्यकता क्या है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
यदि पाइपलाइन का कार्य पहले से प्रस्तावित था, तो सड़क निर्माण से पहले उसे पूरा क्यों नहीं कराया गया? बार-बार सड़क खोदने से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि इस कार्य की पूरी योजना और उद्देश्य सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
झांसी के वार्ड नंबर 3 भट्टा गांव से विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां पहले नई डामर सड़क का निर्माण कराया गया और कुछ ही समय बाद उसी सड़क को पाइपलाइन डालने के लिए दोबारा खोद दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश घरों में पहले से पानी के नल लगे हैं और नियमित जलापूर्ति भी हो रही है। ऐसे में नई पाइपलाइन की आवश्यकता क्या है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
यदि पाइपलाइन का कार्य पहले से प्रस्तावित था, तो सड़क निर्माण से पहले उसे पूरा क्यों नहीं कराया गया? बार-बार सड़क खोदने से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि इस कार्य की पूरी योजना और उद्देश्य सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।