औरंगाबाद पुष्पगिरी सोनकच्छ।
परम पूज्य पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के सानिध्य में अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ वर्षायोग हेतु विराजमान हैं उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्योंकम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में आज उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि।
घर, परिवार, समाज और संघ के रिश्तों को बनाए रखने के लिये, कभी अन्धा, कभी बहरा और कभी गूंगा बनना पड़ता है। लेकिन समाज और देश में फैली बुराइयों तथा विसंगतियों के प्रति मौन रहना समाधान नहीं है ।
उनका सामना हमें स्वयं करना होगा।समाज और देश में बुराइयां इसलिए नहीं है, कि बुरे लोग ज्यादा बोलते हैं, बल्कि इसलिए है कि भले लोग समय पर चुप रह जाते हैं।
अब समय आ गया है कि हम सदियों पुरानी अपनी खामोशी को तोड़ें, और गलत को गलत कहने का साहस जुटाएं।
भले और सज्जन लोगों का मौन ही अक्सर बुरे लोगों की सबसे बड़ी शक्ति बन जाता है।इसीलिए --_अब जरूरत है, कि हम खुद में महावीर, राम, कृष्ण, कबीर और गांधी जैसी चेतना और ज्योति प्रज्जवलित करें तथा हिंसा, क्रूरता ,भ्रष्टाचार और हर प्रकार की बुराइयों के विरुद्ध सत्य, साहस और अहिंसा के साथ एक संघर्ष शुरू करें...!!!_।
ऐसी जानकारी प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद ने दी है