झांसी-कानपुर रेलखंड पर गढ़मऊ स्टेशन के पास करीब दो घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा इस दौरान भीषण गर्मी और उमस से परेशान कई यात्री ट्रेन से उतरकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सफाई जारी की है झांसी-कानपुर रेलखंड पर गाड़ी संख्या 20104 गढ़मऊ स्टेशन के पास करीब 2 घंटे 16 मिनट तक खड़ी रही। ट्रेन रुकने के बाद सोशल मीडिया पर इंजन फेल होने की खबरें तेजी से वायरल होने लगीं। वहीं गर्मी और उमस से परेशान यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल जाते दिखाई दिए, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वायरल वीडियो के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। रेलवे के मुताबिक झांसी-मुस्तरा ब्लॉक सेक्शन में रेलवे पुल पर रेल पथ की सुरक्षा और संरक्षा को मजबूत करने के लिए री-वेल्डिंग का कार्य किया जा रहा था। इसके लिए सुबह 6 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 20 मिनट तक ऑपरेशनल ब्लॉक लिया गया था रेलवे का कहना है कि कार्य के दौरान तकनीकी जटिलताएं आने से काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सका और इसे समाप्त करने में अतिरिक्त 2 घंटे 16 मिनट का समय लगा। इसी कारण ट्रेन को गढ़मऊ स्टेशन पर नियंत्रित रखा गया रेल प्रशासन ने दावा किया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मानकों का पालन किया गया। साथ ही यह भी कहा कि ट्रेन दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर झांसी पहुंच गई थी, जिससे परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिल गया।
झांसी-कानपुर रेलखंड पर गढ़मऊ स्टेशन के पास करीब दो घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा इस दौरान भीषण गर्मी और उमस से परेशान कई यात्री ट्रेन से उतरकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सफाई जारी की है झांसी-कानपुर रेलखंड पर गाड़ी संख्या 20104 गढ़मऊ स्टेशन के पास करीब 2 घंटे 16 मिनट तक खड़ी रही। ट्रेन रुकने के बाद सोशल मीडिया पर इंजन फेल होने की खबरें तेजी से वायरल होने लगीं। वहीं गर्मी और उमस से परेशान यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल जाते दिखाई दिए, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वायरल वीडियो के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। रेलवे के मुताबिक झांसी-मुस्तरा ब्लॉक सेक्शन में रेलवे पुल पर रेल पथ की सुरक्षा और संरक्षा को मजबूत करने के लिए री-वेल्डिंग का कार्य किया जा रहा था। इसके लिए सुबह 6 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 20 मिनट तक ऑपरेशनल ब्लॉक लिया गया था रेलवे का कहना है कि कार्य के दौरान तकनीकी जटिलताएं आने से काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सका और इसे समाप्त करने में अतिरिक्त 2 घंटे 16 मिनट का समय लगा। इसी कारण ट्रेन को गढ़मऊ स्टेशन पर नियंत्रित रखा गया रेल प्रशासन ने दावा किया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मानकों का पालन किया गया। साथ ही यह भी कहा कि ट्रेन दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर झांसी पहुंच गई थी, जिससे परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिल गया।