ललितपुर।
द्वितीय विशाल सार्वजनिक श्रावण महोत्सव के अंतर्गत शिवालय धाम चौबयाना में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ 1 अगस्त को श्री गणेश पूजन एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ कलश यात्रा श्री रघुनाथ जी बड़ा मंदिर एवं काली बऊआ से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शिवालय धाम धर्मशाला पहुंची, जहां विधिवत समापन हुआ।
यात्रा में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।कथा का वाचन परम पूज्य श्रद्धेय संत शिरोमणि श्री रविशंकर जी महाराज (श्री रावतपुरा सरकार) के परम शिष्य युवाचार्य राम शास्त्री जी द्वारा किया जा रहा है।
कथा के दूसरे दिन शिवमहापुराण के माहात्म्य का वर्णन करते हुए युवाचार्य जी ने कहा कि शिव महापुराण समस्त पापों का नाश करने वाला दिव्य ग्रंथ है।
जहां शिव कथा का आयोजन होता है, वह स्थान स्वयं कैलाश धाम के समान पवित्र हो जाता है।उन्होंने कथा के माध्यम से देवराज नामक एक ब्राह्मण की कथा सुनाई, जो अपने जीवन में अनेक पाप कर्मों में लिप्त रहा।
अंत समय में वह एक शिव मंदिर पहुंचा, जहां शिवमहापुराण की कथा चल रही थी। कथा श्रवण करते-करते वहीं उसका देहांत हो गया। शिव कथा के प्रभाव से उसके समस्त पाप नष्ट हो गए और भगवान शिव के गण उसे कैलाश धाम ले गए।
युवाचार्य जी ने कहा कि श्रद्धा और भक्ति भाव से शिवमहापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के समस्त पाप, कष्ट एवं दुख दूर हो जाते हैं, जीवन में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति होती है।कथा में यजमान एवं सहयोगी के रूप में डॉ.
दीपक चौबे, अजय तिवारी 'नीलू' (वरिष्ठ पत्रकार), आशीष चौबे, संजय त्रिवेदी, शिव नारायण चौबे, आशीष चौबे लंबरदार (पुरानी बाखर), संतोष चौबे, माधव सुनील चौबे सहित चौबयाना के समस्त भक्तगण एवं नगरवासी श्रद्धापूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।श्रावण महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवमहापुराण कथा का श्रवण कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।