ललितपुर में 71 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन के साथ कथित मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आने के बाद अब इसको लेकर विभिन्न अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन अपने घर से मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आजादपुरा निवासी नारायण कुशवाहा द्वारा उनके साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अपनी जान बचाते हुए वापस घर की ओर लौटे और इसी दौरान कथित आरोपी ने उनका पीछा किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके बड़े भाई हीरालाल कुशवाहा हाथ में सरिया लेकर उन्हें जान से मारने के लिए दौड़े। इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात भी पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में कही गई है।
मामले को लेकर अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा अपेक्षाकृत मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद उनके हौसले बुलंद होने तथा पीड़ित पक्ष को धमकाने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर ललितपुर टैक्स बार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन, विश्व हिंदू महासंघ, लायन्स क्लब, अन्नपूर्णा संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन देने पहुंचे संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन लंबे समय से ललितपुर में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनके साथ हुई कथित घटना को सामान्य घटना मानकर छोड़ना उचित नहीं है। संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
वहीं कर अधिवक्ता शैलेंद्र जैन बीटू ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ दिनदहाड़े हुई कथित घटना गंभीर विषय है और पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जैन शिवाजी ने कहा कि मामला आम नागरिक की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है और पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल विभिन्न संगठनों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांग रख दी है और अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और मामले में आगे किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।
LNN- न्यूज़ के लिए ललितपुर से मनोज जैन के साथ अक्षय अलया की रिपोर्ट
ललितपुर में 71 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन के साथ कथित मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आने के बाद अब इसको लेकर विभिन्न अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन अपने घर से मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आजादपुरा निवासी नारायण कुशवाहा द्वारा उनके साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अपनी जान बचाते हुए वापस घर की ओर लौटे और इसी दौरान कथित आरोपी ने उनका पीछा किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके बड़े भाई हीरालाल कुशवाहा हाथ में सरिया लेकर उन्हें जान से मारने के लिए दौड़े। इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात भी पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में कही गई है।
मामले को लेकर अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा अपेक्षाकृत मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद उनके हौसले बुलंद होने तथा पीड़ित पक्ष को धमकाने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर ललितपुर टैक्स बार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन, विश्व हिंदू महासंघ, लायन्स क्लब, अन्नपूर्णा संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन देने पहुंचे संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू जैन लंबे समय से ललितपुर में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनके साथ हुई कथित घटना को सामान्य घटना मानकर छोड़ना उचित नहीं है। संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
वहीं कर अधिवक्ता शैलेंद्र जैन बीटू ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ दिनदहाड़े हुई कथित घटना गंभीर विषय है और पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जैन शिवाजी ने कहा कि मामला आम नागरिक की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है और पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल विभिन्न संगठनों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांग रख दी है और अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और मामले में आगे किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।
LNN- न्यूज़ के लिए ललितपुर से मनोज जैन के साथ अक्षय अलया की रिपोर्ट