विदिशा (मध्य प्रदेश)। माँ वेत्रवती घाट सुधार सेवा समिति, विदिशा द्वारा बेतवा (वेत्रवती) नदी के संरक्षण और नगरवासियों की समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गोवर्धन साहू, उपाध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी और संयोजक प्रमोद शर्मा ने कलेक्टर से चर्चा की। समिति ने नदी के गिरते जलस्तर और बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
ज्ञापन में समिति ने 'जल है तो कल है' का संदेश देते हुए कहा कि बेत्रवती नदी का जलस्तर लगातार गिर रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल संकट गहराने की संभावना है। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष 1996-97 में शुरू की गई ‘बैस संवर्धन योजना’ को पुनः गति देने की मांग की गई है।
समिति ने प्रतिबंधित क्षेत्रों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 4-5 वर्षों से गणेश और दुर्गा उत्सव की मूर्तियों का विसर्जन रंगई घाटों पर किया जा रहा है। हेमामालिनी डैम क्षेत्र, जहाँ से नगर को पेयजल की आपूर्ति होती है, वहाँ पी.ओ.पी. (POP) की मूर्तियों के विसर्जन से पानी प्रदूषित हो रहा है, जिसका बुरा प्रभाव इंसानों, पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
समिति ने मांग की है कि सभी मूर्तियों का विसर्जन अनिवार्य रूप से जानकी कुण्ड में ही कराया जाए। इसके साथ ही जानकी कुण्ड का पक्कीकरण और सौंदर्यीकरण कर वहाँ गार्डन विकसित करने का आग्रह किया गया है। समिति ने उल्लेख किया कि पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर पंकज जैन द्वारा इस कार्य के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, झांकियों के आकार को सीमित रखने की मांग की गई है ताकि आवागमन बाधित न हो और ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए करपात्री चौक, खाई रोड से जय स्तंभ पार्क, खाई रोड, तोपपुरा तक के मार्ग को शीघ्र वन-वे (One-Way) घोषित कर कार्य प्रारंभ करने की मांग की गई है।
समिति ने प्रशासन से इन जनहित कार्यों को अतिशीघ्र गति प्रदान करने की अपील की है। यह जानकारी माँ वेत्रवती घाट सुधार सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष गोवर्धन साहू, अध्यक्ष महेश मिंटू साहू, उपाध्यक्ष अरूण सोनी, भूरा भाई, गजेन्द्र सिंह रघुवंशी, ओमप्रकाश कुशवाहा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, आकाश चौरसिया एवं संयोजक प्रमोद शर्मा द्वारा दी गई।
विदिशा (मध्य प्रदेश)। माँ वेत्रवती घाट सुधार सेवा समिति, विदिशा द्वारा बेतवा (वेत्रवती) नदी के संरक्षण और नगरवासियों की समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गोवर्धन साहू, उपाध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी और संयोजक प्रमोद शर्मा ने कलेक्टर से चर्चा की। समिति ने नदी के गिरते जलस्तर और बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
ज्ञापन में समिति ने 'जल है तो कल है' का संदेश देते हुए कहा कि बेत्रवती नदी का जलस्तर लगातार गिर रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल संकट गहराने की संभावना है। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष 1996-97 में शुरू की गई ‘बैस संवर्धन योजना’ को पुनः गति देने की मांग की गई है।
समिति ने प्रतिबंधित क्षेत्रों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 4-5 वर्षों से गणेश और दुर्गा उत्सव की मूर्तियों का विसर्जन रंगई घाटों पर किया जा रहा है। हेमामालिनी डैम क्षेत्र, जहाँ से नगर को पेयजल की आपूर्ति होती है, वहाँ पी.ओ.पी. (POP) की मूर्तियों के विसर्जन से पानी प्रदूषित हो रहा है, जिसका बुरा प्रभाव इंसानों, पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
समिति ने मांग की है कि सभी मूर्तियों का विसर्जन अनिवार्य रूप से जानकी कुण्ड में ही कराया जाए। इसके साथ ही जानकी कुण्ड का पक्कीकरण और सौंदर्यीकरण कर वहाँ गार्डन विकसित करने का आग्रह किया गया है। समिति ने उल्लेख किया कि पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर पंकज जैन द्वारा इस कार्य के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, झांकियों के आकार को सीमित रखने की मांग की गई है ताकि आवागमन बाधित न हो और ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए करपात्री चौक, खाई रोड से जय स्तंभ पार्क, खाई रोड, तोपपुरा तक के मार्ग को शीघ्र वन-वे (One-Way) घोषित कर कार्य प्रारंभ करने की मांग की गई है।
समिति ने प्रशासन से इन जनहित कार्यों को अतिशीघ्र गति प्रदान करने की अपील की है। यह जानकारी माँ वेत्रवती घाट सुधार सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष गोवर्धन साहू, अध्यक्ष महेश मिंटू साहू, उपाध्यक्ष अरूण सोनी, भूरा भाई, गजेन्द्र सिंह रघुवंशी, ओमप्रकाश कुशवाहा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, आकाश चौरसिया एवं संयोजक प्रमोद शर्मा द्वारा दी गई।