मऊरानीपुर। आज श्री जी पैलेस मऊरानीपुर में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वाधान में ग्रामीण पत्रकार दिवस के रूप में संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल की 39 वी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार अमित कुमार मुदगिल रहे।
जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संपादक डॉ विष्णु राय, मंडल महामंत्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, स्वस्ति कुमार घोष, पूर्व जिलाध्यक्ष के के गुप्ता, विनोद सोनी मौजूद रहे। अध्यक्षता मंडल महामंत्री गिरवर सिंह ने की।
कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर अतिथियो व पत्रकारों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओ ने बाबू बालेश्वर लाल के जीवन पर प्रकाश डाला, और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पत्रकारों ने पत्रकारिता की समस्याओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार अमित मुद्गल, ग्रापए के पूर्व जिला अध्यक्ष के के गुप्ता, एवं सम्पादक डॉ.विष्णु राय को शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
अमित मुदगिल ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल 'ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन' के संस्थापक और दूरदर्शी पत्रकार थे, जिन्होंने ग्रामीण और आंचलिक पत्रकारों को संगठित कर उन्हें पहचान और सम्मान दिलाया।
और उन्होंने ग्रामीण पत्रकारों की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। डॉ. विष्णु राय ने उन्हें ग्रामीण पत्रकारिता का पुरोधा बताया। उन्होंने पत्रकारों से उनके बताए हुए रास्ते पर चलने को कहा।
मंडल महामंत्री महेन्द्र सिंह सोलंकी ने ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, और उनके सम्मान की रक्षा के लिए 'ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन' को मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह संगठन आज भी ग्रामीण पत्रकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बाबूजी के बताये रास्ते पर चलकर संगठन को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
संचालन कर रहे जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत ने कहा कि बाबू जी ने छोटे गाँवों और दूरदराज़ के क्षेत्रों में काम करने वाले संवाददाताओं को एकजुट किया और उन्हें मुख्यधारा के पत्रकारों के सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदर्शों से परिपूर्ण था।
उनका दृष्टिकोण था कि ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर और समस्याएँ तभी दूर हो सकती हैं, जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों को सशक्त बनाया जाए।
उनके द्वारा स्थापित संगठन और आदर्श आज भी ग्रामीण पत्रकारों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की स्थापना 8 अगस्त 1982 को बलिया जनपद के एक छोटे से गड़वार कस्बे में पत्रकार एवं शिक्षक बाबू बालेश्वर लाल जी ने कुछ स्थानीय पत्रकार साथियों के साथ मिलकर की थी।
आज यह संगठन पूरे प्रदेश में वटवृक्ष के रूप में फैल चुका है।उनका जन्म बलिया जनपद के एक छोटे से गांव रतसर में 01 जनवरी 1930 को हुआ था। और 27 मई 1987 को आपने 57 वर्ष की अवस्था में अपने जीवन की अंतिम सांस ली।
आप के असामयिक निधन से परिवार,समाज और विशेषकर ग्रापए की अपूरणीय क्षति हुई।
आपने 8 अगस्त 1982 को ग्रा प ए उत्तर प्रदेश की स्थापना कर प्रदेश भर में कस्बाई पत्रकारों को जोड़कर उनकी पहचान एवं स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प लिया और अपने जीवन की अंतिम सांस तक पूरे समर्पण एवं मनोयोग से इसे पूरा करने में जुटे रहे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार पवन श्रीवास, नमन पाठक, नेहा श्रीवास, पुष्पेंद्र श्रीवास, अनुज श्रोत्रिय, अखिलेश राय, महादेव भास्कर, संतोष श्रीवास, रामजीवन श्रीवास, अमित, रिंकू सेन, अवनीश सिंह, भूपेंद्र गुप्ता, दिनेश साहू, अमित गुप्ता, महेन्द्र नायक, पपेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।