झांसी। थाना सकरार क्षेत्र के ग्राम धनाही-तेजपुरा में शराब के ठेके को बंद कराने को लेकर ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया शनिवार को गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने एकजुट होकर झांसी-खजुराहो फोर लेन हाईवे स्थित नए खुले शराब ठेके पर पहुंचकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया इस दौरान महिलाओं ने ठेके पर लगाए गए पोस्टर और प्रचार सामग्री हटाकर अपना विरोध दर्ज कराया प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कहा कि गांव में शराब का ठेका खुलने से परिवारों का माहौल खराब होगा, युवाओं में नशे की लत बढ़ेगी और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। महिलाओं का कहना था कि गांव के बीच या आबादी के पास शराब की दुकान खुलने से सामाजिक वातावरण दूषित होगा और घरेलू विवादों में बढ़ोतरी होगी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब का ठेका संचालित नहीं होने देंगी प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ठेके को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने अथवा बंद कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा, “गांव में शराब का ठेका नहीं चलेगा”, “मर जाएंगे लेकिन ठेका नहीं खुलने देंगे”। महिलाओं का आरोप है कि गांव के लोगों की राय लिए बिना ठेका खोला गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गांव की आबादी के निकट संचालित किए जा रहे शराब ठेके को तत्काल हटाया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति एवं सामाजिक सौहार्द बना रहे फिलहाल, महिलाओं के इस विरोध-प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है और ग्रामीण प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
झांसी। थाना सकरार क्षेत्र के ग्राम धनाही-तेजपुरा में शराब के ठेके को बंद कराने को लेकर ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया शनिवार को गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने एकजुट होकर झांसी-खजुराहो फोर लेन हाईवे स्थित नए खुले शराब ठेके पर पहुंचकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया इस दौरान महिलाओं ने ठेके पर लगाए गए पोस्टर और प्रचार सामग्री हटाकर अपना विरोध दर्ज कराया प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कहा कि गांव में शराब का ठेका खुलने से परिवारों का माहौल खराब होगा, युवाओं में नशे की लत बढ़ेगी और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। महिलाओं का कहना था कि गांव के बीच या आबादी के पास शराब की दुकान खुलने से सामाजिक वातावरण दूषित होगा और घरेलू विवादों में बढ़ोतरी होगी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब का ठेका संचालित नहीं होने देंगी प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ठेके को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने अथवा बंद कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा, “गांव में शराब का ठेका नहीं चलेगा”, “मर जाएंगे लेकिन ठेका नहीं खुलने देंगे”। महिलाओं का आरोप है कि गांव के लोगों की राय लिए बिना ठेका खोला गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गांव की आबादी के निकट संचालित किए जा रहे शराब ठेके को तत्काल हटाया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति एवं सामाजिक सौहार्द बना रहे फिलहाल, महिलाओं के इस विरोध-प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है और ग्रामीण प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।