"कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे" - डीपीसी ने दिए शत-प्रतिशत नामांकन के निर्देश

खनियाधाना में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक, अपार आईडी, चाइल्ड ट्रैकिंग और साक्षर भारत पर हुई विशेष चर्चा </em>

📰 अतुल कुमार जैन
खनियाधाना। जनपद पंचायत सभागार खनियाधाना में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डीपीसी सिकरवार ने कहा कि शिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी बच्चे को इससे वंचित रखना गंभीर विषय है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों को वार्ड एवं ग्राम स्तर तक पहुँचकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

-: तीन सत्रों में हुई समीक्षा :-

बैठक तीन सत्रों में आयोजित हुई जिसमें अपार आईडी, नामांकन, यू-डाइस प्रोग्रेशन, चाइल्ड ट्रैकिंग तथा साक्षर भारत की विशेष समीक्षा की गई। बैठक में बीआरसी संजय भदौरिया, समस्त बीएसी, जन शिक्षक तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं अशासकीय विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।

-: शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर :-

डीपीसी ने निर्देश दिए कि विद्यालय खुलने के साथ ही शैक्षणिक वातावरण अनुशासित एवं प्रेरणादायी होना चाहिए। प्रतिदिन समय पर घंटी एवं प्रार्थना, आज का शुभ विचार, बाल कैबिनेट का गठन तथा सभी शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ओलंपियाड, एनएमएमएस तथा नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अभी से प्रारंभ कराने पर विशेष बल दिया। साथ ही प्रतिदिन श्रुतलेख एवं सुलेख का अभ्यास कराने, कॉपियों का समयबद्ध मूल्यांकन करने तथा विद्यार्थियों से नियमित फेयर कार्य करवाने के निर्देश दिए।

-: अभिभावक संपर्क और रिकॉर्ड संधारण :-

डीपीसी ने सभी विद्यालयों में स्टॉक पंजी, संपर्क पंजी एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा। प्रत्येक छात्र के अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखने, उपस्थिति पंजी में मोबाइल नंबर अंकित करने तथा अनुपस्थित विद्यार्थियों के घर तक पहुँचकर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि किसी भी ग्राम या वार्ड का कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए।

-: मध्यान्ह भोजन की समीक्ष :-

बैठक में मध्यान्ह भोजन योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। डीपीसी ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में निर्धारित समय पर स्वच्छ, पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक के अंत में डीपीसी ने विकासखंड में विभिन्न शैक्षणिक कंपोनेंट्स के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों, प्रभावी मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए "कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे" के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाएँ।

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ATUL JAIN

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