नाशिक जिले के पावन अतिशय क्षेत्र णमोकार तीर्थ (मालसाणे, चांदवड़) में 13 से 15 अगस्त तक भक्ति, संयम और अध्यात्म का त्रिवेणी संगम देखने को मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक धर्मोत्सव में परम पूज्य ज्ञानयोगी प्रज्ञाश्रमण सारस्वताचार्य श्री 108 देवनंदीजी गुरुदेव का 64वां जन्मजयंती महामहोत्सव और जैनेश्वरी दीक्षा समारोह संपन्न होगा।
यह भव्य आयोजन पूज्य भट्टारक लक्ष्मीसेन स्वामीजी (संस्थान कोल्हापुर मठ), 7 आचार्य महाराज और 14 माताजी की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर नाशिक के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अशोक सुरजमल लोहाड़े सांसारिक सुख-सुविधाओं और सफल व्यावसायिक जीवन का त्याग कर संयम के मार्ग पर चलते हुए जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 13 अगस्त को सुबह 7:30 बजे जिनेंद्र अभिषेक और धार्मिक विधियों के साथ होगी। सुबह 10 बजे संतों की आहारचर्या, दोपहर 12:45 बजे गणधर वलय विधान एवं महामृत्युंजय विधान का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे महाआरती और रात 8 बजे दीक्षार्थी का हल्दी, मेहंदी एवं भक्तिमय संगीत कार्यक्रम होगा।
14 अगस्त को सुबह 7:30 बजे भव्य महामस्तकाभिषेक और सुबह 10 बजे आहारचर्या होगी। सुबह 11 बजे दीक्षार्थी सीए अशोक लोहाड़े की शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 12:39 बजे से दीक्षा विधि की धार्मिक क्रियाएं शुरू होंगी। शाम 7 बजे संगीतमय महाआरती और रात 8 बजे आचार्य श्री देवनंदीजी महाराज के जीवनचरित्र पर आधारित नाट्य दर्शन का आयोजन किया गया है।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सुबह 7:30 बजे मस्तकाभिषेक एवं ध्वजारोहण होगा। सुबह 10 बजे आहारचर्या और दोपहर 12:30 बजे आचार्य श्री के 64वें जन्मजयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 1:30 बजे जन्मजयंती महामहोत्सव आयोजित होगा, जिसमें संघस्थ साधुओं एवं गुरुभक्तों द्वारा विनयांजलि एवं पादप्रक्षालन किया जाएगा। इसी दौरान आचार्य श्री के कर-कमलों से सीए अशोक लोहाड़े को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके बाद आचार्य श्री का अष्टद्रव्य से पूजन, शाम 5 बजे मंगल प्रवचन तथा शाम 7 बजे आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
महोत्सव के उपलक्ष्य में 13 से 16 अगस्त तक चार दिनों तक भंडारा सेवा का आयोजन किया गया है, जो सुरजमल प्रकाशचंदजी लोहाड़े परिवार, नाशिक की ओर से संचालित होगी। एक सफल सीए करियर का त्याग कर संयम का मार्ग चुनने वाले सीए अशोक लोहाड़े के वैराग्य और गुरुदेव के जन्मोत्सव को लेकर देशभर के जैन समाज में उत्साह है।
ट्रस्ट की अध्यक्ष नीलम अजमेरा, चातुर्मास कमिटी अध्यक्ष कुणाल जैन (गाजियाबाद), बाल ब्रह्मचारी वैशालीदीदी एवं गुरुभक्त परिवार ने धर्मप्रेमियों से इस आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है। यह जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियुष कासलीवाल, औरंगाबाद ने दी है।
नाशिक जिले के पावन अतिशय क्षेत्र णमोकार तीर्थ (मालसाणे, चांदवड़) में 13 से 15 अगस्त तक भक्ति, संयम और अध्यात्म का त्रिवेणी संगम देखने को मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक धर्मोत्सव में परम पूज्य ज्ञानयोगी प्रज्ञाश्रमण सारस्वताचार्य श्री 108 देवनंदीजी गुरुदेव का 64वां जन्मजयंती महामहोत्सव और जैनेश्वरी दीक्षा समारोह संपन्न होगा।
यह भव्य आयोजन पूज्य भट्टारक लक्ष्मीसेन स्वामीजी (संस्थान कोल्हापुर मठ), 7 आचार्य महाराज और 14 माताजी की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर नाशिक के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अशोक सुरजमल लोहाड़े सांसारिक सुख-सुविधाओं और सफल व्यावसायिक जीवन का त्याग कर संयम के मार्ग पर चलते हुए जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 13 अगस्त को सुबह 7:30 बजे जिनेंद्र अभिषेक और धार्मिक विधियों के साथ होगी। सुबह 10 बजे संतों की आहारचर्या, दोपहर 12:45 बजे गणधर वलय विधान एवं महामृत्युंजय विधान का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे महाआरती और रात 8 बजे दीक्षार्थी का हल्दी, मेहंदी एवं भक्तिमय संगीत कार्यक्रम होगा।
14 अगस्त को सुबह 7:30 बजे भव्य महामस्तकाभिषेक और सुबह 10 बजे आहारचर्या होगी। सुबह 11 बजे दीक्षार्थी सीए अशोक लोहाड़े की शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 12:39 बजे से दीक्षा विधि की धार्मिक क्रियाएं शुरू होंगी। शाम 7 बजे संगीतमय महाआरती और रात 8 बजे आचार्य श्री देवनंदीजी महाराज के जीवनचरित्र पर आधारित नाट्य दर्शन का आयोजन किया गया है।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सुबह 7:30 बजे मस्तकाभिषेक एवं ध्वजारोहण होगा। सुबह 10 बजे आहारचर्या और दोपहर 12:30 बजे आचार्य श्री के 64वें जन्मजयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 1:30 बजे जन्मजयंती महामहोत्सव आयोजित होगा, जिसमें संघस्थ साधुओं एवं गुरुभक्तों द्वारा विनयांजलि एवं पादप्रक्षालन किया जाएगा। इसी दौरान आचार्य श्री के कर-कमलों से सीए अशोक लोहाड़े को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके बाद आचार्य श्री का अष्टद्रव्य से पूजन, शाम 5 बजे मंगल प्रवचन तथा शाम 7 बजे आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
महोत्सव के उपलक्ष्य में 13 से 16 अगस्त तक चार दिनों तक भंडारा सेवा का आयोजन किया गया है, जो सुरजमल प्रकाशचंदजी लोहाड़े परिवार, नाशिक की ओर से संचालित होगी। एक सफल सीए करियर का त्याग कर संयम का मार्ग चुनने वाले सीए अशोक लोहाड़े के वैराग्य और गुरुदेव के जन्मोत्सव को लेकर देशभर के जैन समाज में उत्साह है।
ट्रस्ट की अध्यक्ष नीलम अजमेरा, चातुर्मास कमिटी अध्यक्ष कुणाल जैन (गाजियाबाद), बाल ब्रह्मचारी वैशालीदीदी एवं गुरुभक्त परिवार ने धर्मप्रेमियों से इस आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है। यह जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियुष कासलीवाल, औरंगाबाद ने दी है।