कपिलधारा योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश: 20 हजार रुपये की घूस लेते सरपंच और सरपंच पति लोकायुक्त के हत्थे चढ़े

बिल पर हस्ताक्षर और भुगतान जारी कराने के एवज में मांगी थी रिश्वत, शिकायत के पांच दिन बाद हुई ट्रैप कार्रवाई</em>

📰 अतुल कुमार जैन
खनियाधाना। शिवपुरी जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जुंगीपुरा में ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला सरपंच और उनके पति को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने कपिलधारा योजना के तहत निर्मित कुएं का भुगतान जारी कराने और बिल पर हस्ताक्षर करने के एवज में हितग्राही से रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।

-: कुएं के भुगतान के बदले मांगी गई थी 20 हजार की घूस :-

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत जुंगीपुरा निवासी हितग्राही राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के तहत कुएं का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्होंने कुएं में उपयोग की गई सामग्री के भुगतान के लिए आवश्यक बिलों पर हस्ताक्षर कराने हेतु सरपंच केशवती कोली से संपर्क किया। आरोप है कि इसी दौरान सरपंच और उनके पति खेमचंद कोली ने भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। बार-बार भुगतान के लिए चक्कर लगाने के बावजूद जब बिना रिश्वत काम नहीं हुआ, तो हितग्राही ने लोकायुक्त की शरण ली।

-: 3 जुलाई को शिकायत, सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल :-

पीड़ित राहुल सिंह यादव ने 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई और बुधवार 8 जुलाई 2026 को टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

-: रिश्वत लेते ही दबोच लिया :-

बुधवार सुबह करीब 10 बजे लोकायुक्त टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई की। शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर सरपंच के निवास पर पहुंचा। जैसे ही सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने 20 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की राशि भी मौके से बरामद कर ली गई।

-: सचिव की भूमिका नहीं मिली, मुख्य आरोपी सरपंच और पति :-

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में ग्राम पंचायत सचिव की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। इस मामले में मुख्य आरोपी महिला सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

-: दिनारा रेस्ट हाउस में पूरी हुई कानूनी कार्रवाई :-

लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई की आगे की प्रक्रिया पहले पिपरोल में प्रस्तावित थी, लेकिन वहां सर्किट हाउस उपलब्ध नहीं होने के कारण टीम आरोपियों को लेकर दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची। यहां पंचनामा, दस्तावेजी कार्रवाई और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। कार्रवाई के दौरान टीम आरोपियों को अपने साथ ले गई, जिससे कुछ समय तक क्षेत्र में भ्रम की स्थिति बनी रही और तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं। बाद में लोकायुक्त अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की।

-: इन अधिकारियों ने संभाली कार्रवाई :-

इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक उपेंद्र दुबे और निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

-: पंचायतों में भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल :-

ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई होती रही तो सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी अवैध वसूली के पहुंच सकेगा और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

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ATUL JAIN

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