मध्य प्रदेश के शाजापुर में शुक्रवार की सुबह गोवा एक्सप्रेस ने ट्रैक मेंटेनेंस ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक गैंगमैन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी का पैर कट गया। ट्रॉली में कुल पांच कर्मचारी सवार थे, जिनमें से दो अन्य को भी चोटें आई हैं। पांचवां कर्मचारी समय रहते ट्रॉली से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई।
यह हादसा बेरछा और मक्सी के बीच झोंकर रेलवे फाटक के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, बेरछा रेलवे स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर दूर पीर उमरोद और मक्सी के बीच ट्रैक मेंटेनेंस का काम चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे PWI (स्थायी मार्ग निरीक्षक) ट्रॉली में पांच रेल कर्मचारी काम में जुटे थे। इसी दौरान डायवर्टेड रूट से गुजर रही गोवा एक्सप्रेस उसी ट्रैक पर आ गई।
ट्रेन की गति अधिक होने के कारण लोको पायलट द्वारा हॉर्न बजाने के बावजूद कर्मचारी ट्रॉली को ट्रैक से नहीं हटा पाए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन झटके के साथ रुकी। हादसे में भगवान सिंह बिलमा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, दिलीप जायसवाल का एक पैर कट गया है। घायल दिलीप जायसवाल, सद्दाम और एक अन्य कर्मचारी को मक्सी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हजरत निजामुद्दीन से वास्कोडिगामा जाने वाली यह ट्रेन सामान्यतः भोपाल होकर गुजरती है, लेकिन रूट डायवर्ट होने के कारण इसे नागदा और उज्जैन के रास्ते निकाला जा रहा था।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि ट्रेन डायवर्टेड रूट पर थी। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि मेंटेनेंस ट्रॉली पर तैनात कर्मचारियों को ट्रेन के रूट डायवर्जन की जानकारी थी या नहीं।
मध्य प्रदेश के शाजापुर में शुक्रवार की सुबह गोवा एक्सप्रेस ने ट्रैक मेंटेनेंस ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक गैंगमैन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी का पैर कट गया। ट्रॉली में कुल पांच कर्मचारी सवार थे, जिनमें से दो अन्य को भी चोटें आई हैं। पांचवां कर्मचारी समय रहते ट्रॉली से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई।
यह हादसा बेरछा और मक्सी के बीच झोंकर रेलवे फाटक के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, बेरछा रेलवे स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर दूर पीर उमरोद और मक्सी के बीच ट्रैक मेंटेनेंस का काम चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे PWI (स्थायी मार्ग निरीक्षक) ट्रॉली में पांच रेल कर्मचारी काम में जुटे थे। इसी दौरान डायवर्टेड रूट से गुजर रही गोवा एक्सप्रेस उसी ट्रैक पर आ गई।
ट्रेन की गति अधिक होने के कारण लोको पायलट द्वारा हॉर्न बजाने के बावजूद कर्मचारी ट्रॉली को ट्रैक से नहीं हटा पाए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन झटके के साथ रुकी। हादसे में भगवान सिंह बिलमा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, दिलीप जायसवाल का एक पैर कट गया है। घायल दिलीप जायसवाल, सद्दाम और एक अन्य कर्मचारी को मक्सी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हजरत निजामुद्दीन से वास्कोडिगामा जाने वाली यह ट्रेन सामान्यतः भोपाल होकर गुजरती है, लेकिन रूट डायवर्ट होने के कारण इसे नागदा और उज्जैन के रास्ते निकाला जा रहा था।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि ट्रेन डायवर्टेड रूट पर थी। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि मेंटेनेंस ट्रॉली पर तैनात कर्मचारियों को ट्रेन के रूट डायवर्जन की जानकारी थी या नहीं।