ललितपुर। विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली के राष्ट्रव्यापी "अब जलवायु के लिए" (#NowForClimate) अभियान के अंतर्गत कनक जन कल्याण समिति, ललितपुर एवं पहलवान गुरुदीन प्रशिक्षण महाविद्यालय, पनारी के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कनक जन कल्याण समिति के अध्यक्ष जयेश बादल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने युवाओं से वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल चर्चा नहीं, बल्कि धरातल पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा जखौरा विकासखंड के 10 गांवों में 500 किसानों के साथ प्राकृतिक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार अभियान भी संचालित किया जा रहा है।महाविद्यालय के डायरेक्टर सौरभ यादव ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय चेतना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ महेश कुमार झा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। यदि आज प्रकृति के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
बुंदेलखंड महाविद्यालय, झांसी से भूगोल विभाग से डॉ. अनिल त्रिपाठी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक विकास से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर बल दिया।
भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष हरेन्द्र राजा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा स्वच्छता एवं जल संरक्षण अभियानों में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
वरिष्ठ पत्रकार सौरभ गोस्वामी ने कहा कि मीडिया की भूमिका समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संबंधी मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन भागचंद कुशवाहा, असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार से हरिओम शरण सेन, राजेश राय, विशाल यादव , रमाकांत सिंह, शीवा आफरीन असिस्टेंट प्रोफेसर आदि उपस्थित रहे।
अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु कार्रवाई के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

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