जिस बच्ची के लिए खोदी कब्र, उसे भगवान और विधायक के सहयोग से मिली जिंदगीझांसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरदौलपुरा मोहल्ले में तीन दिन पहले जिस घर में मातम पसरा था, वहां अब जिंदगी की मुस्कान लौट आई है।
छह वर्षीय मयंक और चार वर्षीय प्रगति जहरीले सांप के डसने का शिकार हुए।
परिजनों ने मयंक को खो दिया, जबकि प्रगति को भी मृत समझकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई थी।-</strong>इसी बीच डॉक्टरों ने बताया कि प्रगति की सांसें अभी चल रही हैं। उसे तत्काल बेहतर इलाज की जरूरत थी।
परिवार की स्थिति चिंताजनक थी, तभी बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने परिवार को सलाह दी कि बच्ची को ग्वालियर ले जाने के बजाय झांसी के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया जाए।परिजनों ने विधायक की सलाह मानते हुए प्रगति को संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया।
इलाज के दौरान विधायक ने न केवल बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाया, बल्कि दो-तीन बार अस्पताल पहुंचकर बच्ची और परिवार का हाल भी जाना।करीब 12 दिन चले इलाज के बाद प्रगति ने आखिरकार जिंदगी की जंग जीत ली।
14 अगस्त को वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आई।
जिस घर में कुछ दिन पहले दो बच्चों को खोने का दर्द था, वहीं प्रगति की वापसी ने परिवार को नई उम्मीद और खुशी दे दी।प्रगति की मां ने भावुक होकर कहा कि “मेरी बच्ची को दूसरा जीवन मिला है।
इसके लिए भगवान का आशीर्वाद और विधायक जी का सहयोग हम कभी नहीं भूलेंगे।”यह कहानी सिर्फ एक बच्ची के बचने की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जो मुश्किल वक्त में परिवार का सहारा बनती है।
एक ओर मासूम मयंक को खोने का गम, तो दूसरी ओर प्रगति का जिंदगी में लौटना—इस पूरे घटनाक्रम ने हर किसी को भावुक कर दिया।कठिन समय में परिवार के साथ खड़े होकर विधायक राजीव सिंह पारीछा ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की।