नवरात्रि के पावन पर्व पर मानवीयता की मिसाल: मध्य प्रदेश मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष ने बचाई वृद्ध साधु की जाविदिशा: नवरात्रि के पावन पर्व पर मानवीयता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष ने एक वृद्ध साधु की जान बचाकर समाज के सामने संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा बटोर ली है.

विदिशा में नवरात्रि के पावन पर्व पर मानवता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने अपनी सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक वृद्ध ब्राह्मण साधु की जान बचाई। इस संकट की घड़ी में नागरिकों और प्रशासनिक कर्मियों ने मिलकर मानवीयता का उदाहरण पेश किया।

घटनाक्रम के अनुसार, प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी जब किसी कार्यवश मार्केट की ओर जा रहे थे, तभी माधवगंज चौराहे के पास उन्होंने एक वृद्ध ब्राह्मण साधु को गंभीर अवस्था में देखा। साधु संभवतः हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या से ग्रस्त थे और अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लायन अरुण कुमार सोनी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें सीपीआर (CPR) जैसी प्राथमिक सहायता प्रदान की। साथ ही, भयंकर धूप और गर्मी को देखते हुए उन्हें मौसंबी का जूस पिलाया गया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली।

इस आपात स्थिति में मौके पर मौजूद लोगों ने अनुकरणीय सहयोग दिया। लायन अरुण कुमार सोनी और वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी संतोष कुमार शुक्ला लगातार एंबुलेंस के लिए प्रयास करते रहे। एंबुलेंस आने में काफी समय लगने के कारण नागरिकों में रोष भी देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जब ऑटो बुक करने की तैयारी की जा रही थी, तभी एंबुलेंस वहां पहुंच गई।

वृद्ध साधु को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंबुलेंस में उनके साथ दीपक सेन भी गए, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में मानवीयता दिखाई। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रैफिक पुलिसकर्मी संतोष कुमार शुक्ला और स्थानीय नवयुवक अमित चौकसे का सक्रिय योगदान रहा।

अस्पताल पहुंचकर वृद्ध साधु की समय पर प्राण रक्षा होने से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। नागरिकों ने लायन अरुण कुमार सोनी और उनकी टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि नवरात्रि के पवित्र पर्व पर उनके प्रयासों से एक वृद्ध के प्राणों की रक्षा हो सकी है, जो समाज के लिए एक पुण्य का कार्य है। यह घटना समाज में आपसी संवेदना और तत्परता की एक मिसाल बन गई है।

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शोभित जैन

@jainshobhit5

विदिशा REPORTER

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