झांसी।
झांसी जिले के मऊरानीपुर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरानी में डाल दिया रविवार दोपहर रेलवे ओवरब्रिज से कूदकर जान गंवाने वाले एक अज्ञात युवक के शव की पहचान परिजनों ने अपने बेटे अशोक (40) के रूप में कर दी।
घर में मातम छा गया रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई और अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो गईं लेकिन करीब 7 घंटे बाद रात लगभग 9 बजे घर का दरवाजा खुला और जिस बेटे को मृत मान लिया गया था वह जिंदा अपने घर लौट आया।
बेटे को सामने देखकर परिवार के होश उड़ गए और पूरे गांव में सनसनी फैल गई.चेहरे की समानता बनी बड़ी वजहमऊरानीपुर कस्बे के बड़े हनुमान क्षेत्र निवासी भजनलाल ने रेलवे ट्रैक पर मिले शव को अपने बेटे अशोक समझकर पहचान की थी।
मृतक का चेहरा कद-काठी और रंग-रूप काफी हद तक अशोक से मिलता-जुलता था इसलिए परिवार को कोई संदेह नहीं हुआ।
पुलिस ने भी इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।दिल्ली से लौटा बेटारात में अचानक अशोक घर पहुंचा तो परिवार स्तब्ध रह गया।
उसने बताया कि वह करीब दो महीने पहले मजदूरी करने दिल्ली गया था लेकिन काम नहीं मिलने के कारण वापस लौट आया।
घर पहुंचते ही उसे पता चला कि उसके नाम से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।परिजनों ने तत्काल मऊरानीपुर जीआरपी को सूचना दी कि उनका बेटा जीवित है और जिस शव की पहचान की गई थी वह किसी अन्य व्यक्ति का है।पुलिस भी रह गई दंगसोमवार सुबह अशोक को जीआरपी थाने बुलाकर पूछताछ की गई।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात युवक की वास्तविक पहचान करना है जिसने रेलवे ओवरब्रिज से छलांग लगाकर जान गंवाई।क्या बोले जीआरपी उप निरीक्षक?जीआरपी उप निरीक्षक गोविंद सक्सेना ने बताया कि परिजनों ने चेहरे की समानता के आधार पर शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की थी।
बाद में युवक के जीवित लौट आने पर स्पष्ट हुआ कि मृतक कोई अन्य व्यक्ति है।
अब अज्ञात शव की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।▶️ 7 घंटे तक घर में पसरा रहा मातम▶️ रात में बेटा जिंदा लौटा तो उड़ गए सबके होश▶️ पुलिस की पहचान भी निकली गलत▶️ अब सबसे बड़ा सवाल – आखिर रेलवे ट्रैक पर मिला शव किसका था?🖊️ व्यूरो रिपोर्ट : LNN- न्यूज़ | अर्चना श्रीवास (झांसी)🌐 LNN DIGITAL MEDIA🌍 Website | ▶️ YouTube | 📘 Facebook | 📷 Instagram | ❌ X (Twitter) | 💬 WhatsApp | ✈️ Telegram