इंदौर,अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद, मेन शाखा इंदौर के अंजना संभाग* ने एक बार फिर मानव सेवा और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। परिषद द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत नगर के इदरीस नगर बस्ती के 27 जरूरतमंद परिवारों को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाने हेतु आवश्यक खाद्य एवं अन्य सामग्री का वितरण किया गया।
यह सेवा कार्य परिषद की परम्परा अनुसार प्रत्येक वर्ष नवमी के दिन किया जाता है, ताकि वंचित वर्ग भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ जैन धर्म के मंगल उद्घोष *"जियो और जीने दो"* के साथ हुआ। अंजना संभाग की बहनों ने कहा, _"जरूरतमंद परिवारों के बीच कुछ आवश्यक सामग्री बाँटकर मन को असीम सुकून मिला। हमारी कोशिश छोटी हो सकती है, लेकिन बस्ती वालों के चेहरे की मुस्कान अनमोल थी।"_
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन -
इस पुनीत कार्य में संभाग की सभी पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया —
श्रीमती पूनम जैन (के. सहमंत्री एवं प्रांतीय संगठन सचिव)द्वारा - आटा, तेल, शक्कर, चाय पत्ती, जीरा, हल्दी, धनिया, मिर्च, नमक, आलू, बिस्कुट, चिप्स
- श्रीमती सुनीता पाटनी (के. सहकोषाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रभारी) द्वारा - नमकीन और मिठाई
- श्रीमती वंदना जैन (पूर्व सचिव), रश्मि जैन (पूर्व कोषाध्यक्ष), शोभना जैन (कोषाध्यक्ष), शीला जैन, मधु जैन द्वारा - टॉफी, बिस्कुट एवं अन्य सामग्री
- श्रीमती पुष्पा जैन द्वारा - राजगिरी के लड्डू
- श्रीमती अल्पना जैन (अध्यक्ष) की ओर से - समस्त बस्तीवासियों के लिए चाय, कॉफी और भेल का नाश्ता
रंगोली, पुरस्कार और गरबा - सेवा के साथ संस्कार -
केवल सामग्री वितरण ही नहीं, बल्कि बस्ती की महिलाओं को आत्मसम्मान से जोड़ने के लिए उनके घरों के बाहर रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। उत्कृष्ट रंगोली बनाने वाली महिलाओं को श्रीमती पूनम जैन द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं और बच्चों ने मिलकर गरबा किया, जिससे पूरा माहौल खुशमय हो गया।
इस अवसर पर संभाग अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन प्रांतीय पदाधिकारी पुष्पा काला, स्मृति जैन सहित परिषद की अन्य सदस्याएँ उपस्थित रहीं। सभी ने इस सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता की।
केंद्रीय अध्यक्ष शकुंतला जैन एवं प्रांतीय अध्यक्ष माधवी जैन ने इस सेवा कार्य के लिए अंजना संभाग की पूरी टीम को आशीर्वाद एवं साधुवाद दिया है।
सकल जैन समाज ने महिला परिषद के इस कार्य को *"सेवा ही सच्ची पूजा है"* का जीवंत उदाहरण बताते हुए सराहना की है।
इंदौर,अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद, मेन शाखा इंदौर के अंजना संभाग* ने एक बार फिर मानव सेवा और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। परिषद द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत नगर के इदरीस नगर बस्ती के 27 जरूरतमंद परिवारों को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाने हेतु आवश्यक खाद्य एवं अन्य सामग्री का वितरण किया गया।
यह सेवा कार्य परिषद की परम्परा अनुसार प्रत्येक वर्ष नवमी के दिन किया जाता है, ताकि वंचित वर्ग भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ जैन धर्म के मंगल उद्घोष *"जियो और जीने दो"* के साथ हुआ। अंजना संभाग की बहनों ने कहा, _"जरूरतमंद परिवारों के बीच कुछ आवश्यक सामग्री बाँटकर मन को असीम सुकून मिला। हमारी कोशिश छोटी हो सकती है, लेकिन बस्ती वालों के चेहरे की मुस्कान अनमोल थी।"_
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन -
इस पुनीत कार्य में संभाग की सभी पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया —
श्रीमती पूनम जैन (के. सहमंत्री एवं प्रांतीय संगठन सचिव)द्वारा - आटा, तेल, शक्कर, चाय पत्ती, जीरा, हल्दी, धनिया, मिर्च, नमक, आलू, बिस्कुट, चिप्स
- श्रीमती सुनीता पाटनी (के. सहकोषाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रभारी) द्वारा - नमकीन और मिठाई
- श्रीमती वंदना जैन (पूर्व सचिव), रश्मि जैन (पूर्व कोषाध्यक्ष), शोभना जैन (कोषाध्यक्ष), शीला जैन, मधु जैन द्वारा - टॉफी, बिस्कुट एवं अन्य सामग्री
- श्रीमती पुष्पा जैन द्वारा - राजगिरी के लड्डू
- श्रीमती अल्पना जैन (अध्यक्ष) की ओर से - समस्त बस्तीवासियों के लिए चाय, कॉफी और भेल का नाश्ता
रंगोली, पुरस्कार और गरबा - सेवा के साथ संस्कार -
केवल सामग्री वितरण ही नहीं, बल्कि बस्ती की महिलाओं को आत्मसम्मान से जोड़ने के लिए उनके घरों के बाहर रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। उत्कृष्ट रंगोली बनाने वाली महिलाओं को श्रीमती पूनम जैन द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं और बच्चों ने मिलकर गरबा किया, जिससे पूरा माहौल खुशमय हो गया।
इस अवसर पर संभाग अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन प्रांतीय पदाधिकारी पुष्पा काला, स्मृति जैन सहित परिषद की अन्य सदस्याएँ उपस्थित रहीं। सभी ने इस सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता की।
केंद्रीय अध्यक्ष शकुंतला जैन एवं प्रांतीय अध्यक्ष माधवी जैन ने इस सेवा कार्य के लिए अंजना संभाग की पूरी टीम को आशीर्वाद एवं साधुवाद दिया है।
सकल जैन समाज ने महिला परिषद के इस कार्य को *"सेवा ही सच्ची पूजा है"* का जीवंत उदाहरण बताते हुए सराहना की है।